दुनिया का सबसे खतरनाक किटनाशक DDT

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INTRODUCTION

हैलो Friends इस लेख के माध्यम से हम आपको DDT से संबंधित सभी जानकारियाँ देंगे। इस लेख में डीडीटी क्या होता है? इसको बनाने व उपयोग से संबंधित इतिहास क्या है? इसका उपयोग क्यों किया जाता है? इसके उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव क्या-क्या हैं? तथा इसके उपयोग पर प्रतिबंध क्यों लगा दिया गया?आदि के बारे में बताने वाले हैं। तो दोस्तों यदि आप डीडीटी से संबंधित सभी जानकारियाँ प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारा यह Blog शुरू से लेकर अंत तक ध्यान-पूर्वक पढ़े।

DDT Full Form / Meaning Of DDT

DDT Full Form
Dichloro Diphenyl Trichloroethane (डाईक्लोरो डाईफेनिल टाईक्लोरो ऐथेन)

डीडीटी दुनिया का सबसे खतरनाक किटनाशक है। इसका पूरा नाम, डाईक्लोरो डाईफेनिल टाईक्लोरो ऐथेन हैं । डीडीटी एक रंगहीन, बेस्वाद और लगभग गंधहीन क्रिस्टलीय रासायनिक यौगिक जैसे गुणधर्मों वाला ऑर्गनोक्लोरिन है।

यह मूल रूप से एक कीटनाशक के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन फिर यह अपने पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के लिए बदनाम हो गया।

डीडीटी प्राकृतिक रूप से उपस्थित नहीं होता है। यह अम्लीय उत्प्रेरक की उपस्थिति में क्लोरल (CCl3CHO) तथा क्लोरोबेंजीन (C6H5Cl) के बीच लगातार Friedel-Crafts अभिक्रियाओं द्वारा संश्लेषित होता है।

यह अत्यधिक हाइड्रोफोबिक है और पानी में लगभग अघुलनशील होता है, लेकिन यह अधिकांश कार्बनिक विलायकों, वसा और तेलों से अच्छी घुलनशीलता रखता है।

HISTORY OF DDT

DDT Full Form

DDT को पहली बार 1874 में ऑस्ट्रियाई रसायनज्ञ ओथमार ज़ीडलर ने संश्लेषित किया था। डीडीटी के कीटनाशक गुणधर्मों की खोज स्विस रसायनज्ञ पॉल हरमन मुलर ने 1939 में की थी।

इसका उपयोग द्वितीय विश्व युद्ध के Second half में नागरिकों और सैनिकों के बीच मलेरिया और टाइफस को नियंत्रित करने के लिए किया गया था। 1970 में, विश्व स्तर पर लगभग 386 मिलियन पाउंड DDT का उत्पादन किया गया था।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने सन् 1959 में, Spray के रूप में डीडीटी का सबसे अधिक उपयोग किया था। सन् 1970 के दशक की शुरुआत में, पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर DDT के बढ़ते नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए इसके उपयोग पर प्रश्न उठाए गए थे। सन् 1973 में, अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण Agency ने संयुक्त राज्य अमेरिका में DDT के उपयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया था।

2009 में, 3,314 टन डीडीटी का उत्पादन मलेरिया नियंत्रण और आँत के लीशमैनियासिस के लिए किया गया था।  भारत एकमात्र देश है जो अभी भी डीडीटी का निर्माण कर रहा है, और यह सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है।

USE OF DDT

डीडीटी (Dichloro-Diphenyl-Trichloroethane) पहला ऐसा आधुनिक कीटनाशक था जिसका उपयोग मलेरिया व टाइफस फैलाने वाले मच्छरों के विरूद्ध किया गया था, लेकिन सन् 1950 के बाद इसे कृषि के क्षेत्र में कीटनाशक के रूप में प्रयोग किया जाने लगा। यह एक प्रकार का क्रमिनाशक है जिसका प्रयोग खेतों में फसलों पर होता था।

इसका मुख्य उपयोग मच्छरों, खटमलों आदि को नियंत्रित करने में किया जाता है, परन्तु इसके भारी प्रयोग से अनेक क्षेत्रों में मच्छर इसके प्रति प्रतिरोधी हो गए अर्थात मच्छरों पर इसका प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो गया।

Structure and use of DDT

SIDE EFFECTS OF DDT

DDT मनुष्यों, पक्षियों और जानवरों के लिए एक ज़हरीला पदार्थ है। यह मानव शरीर में पहुँचकर धीरे-धीरे शरीर के उतकों (Tissues) में जमा होता रहता है और कई वर्षों तक सक्रिय रहता है। DDT के मानव स्वास्थ्य प्रभावों पर विज्ञान ने हाल के वर्षों में निरंतर अध्ययन किया है, जिसमें हाल के अध्ययनों में जोखिम के स्तर को बहुत कम दिखाया गया है।  अध्ययन में डीडीटी और इसके टूटने से बनने वाले उत्पाद, डीडीई से जुड़े मानव स्वास्थ्य प्रभावों की एक श्रृंखला को दर्शाता है:-

  • स्तन और अन्य कैंसर,
  • डायबिटीज़,
  • जन्म के समय कम वजन,
  • तंत्रिका तंत्र और लिवर की क्षति इत्यादि।

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