राजस्थान सरकार इंदिरा रसोई योजना में देगी 8 रुपये में खाना

राजस्थान की गहलोत सरकार नें राज्य की गरीब जनता के लिए इंदिरा रसोई योजना की शुरुआत करी है। इस योजना को भाजपा सरकार द्वारा शुरू करी गई अन्नपूर्णा योजना  के स्थान पर लाया गया है।

 इस योजना की मदद से राज्य की गरीब जनता को मात्र ₹8 में भरपेट भोजन मिल सकेगा। इस योजना की शुरुआत कोई भूखा ना सोएके संकल्प के साथ करी गई है। 

फिलहाल इसे राज्य के नगरीय क्षेत्रों में ही शुरु किया गया है लेकिन आने वाले समय में इसे ग्रामीण इलाके में भी शुरू करने की योजना है। इस लेख के माध्यम से हमने इस योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां बताने की कोशिश करी है। अगर आप भी इस योजना के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

इंदिरा रसोई योजना

इंदिरा रसोई योजना का नाम भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया इस दौरान उन्होंने कहा इंदिरा गांधी ने अपना पूरा जीवन गरीबों को ही समर्पित किया था 

जिस वजह से इस योजना को हम उनको समर्पित करते हैं। इस योजना की शुरुआत 20 अगस्त को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर करी गई है इसे 213 नगरीय निकायों में 358 रसोई के साथ शुरू किया जा चुका है।

इस योजना कि शुरुआत राजस्थान के ऐसी जगहो पर की जाएगी जहां लोगों की भीड़ अधिक रहती है जैसे बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, अस्पताल आदि। इस ₹8 की पोस्टिक थाली में 100 ग्राम दाल,100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम रोटी और अचार दिया जाएगा। 

राजस्थान सरकार का कहना है कि प्रति थाली में ₹20 का खर्चा आ रहा है जिसमें से वह ₹12 का खर्च वहन कर रहे हैं और ₹8 खाने वाले को चुकाने पड़ेंगे। सरकार ने रोजाना 1,34,000 और साल भर 4 करोड़ 87 लाख लोगों को पेट भरकर भोजन कराने का लक्ष्य रखा है। अशोक गहलोत के अनुसार इस योजना में हर साल का खर्चा 100 करोड़ रुपए आएगा।

इस योजना में नाश्ते एवं दिन के भोजन का समय सुबह 8:30 से 1:00 तक रखा गया है और शाम के भोजन का समय 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक रखा गया। इस योजना के शुरुआती समय में नगर परिषद 300 लोगों को एवं पालिका क्षेत्र में 150 लोगों को खाना खिलाने की व्यवस्था करी जाएगी। जयपुर में 20 स्थानों में इस योजना की शुरुआत करी जा चुकी है।

सुरक्षा का रहेगा पूरा ख्याल

इस योजना को सफल बनाने के लिए आईटी मॉनिटरिंग का सहारा लिया जाएगा और हर रसोई में सीसीटीवी कैमरे मौजूद होंगे और सभी खाना खाने वालों की तस्वीरें भी खींची जाएंगी। 

इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी को कूपन लेना होगा और कूपन लेते ही उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए सूचना पहुंच जाएगी। इस कूपन सिस्टम की मदद से यह पता चल सकेगा कि कितने लोगों ने पेट भरकर भोजन किया है।

 

कोरोनावायरस से बचाव की करी जाएगी पूरी तैयारी

कोरोना काल में सफाई और सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था करी जाएगी। समयसमय पर रसोई को साफ करके सैनिटाइजेशन करा जाएगा तथा सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही खाने को वितरित करा जाएगा।

हम आशा करते हैं इस लेख को पढ़ने के बाद आपको आपके सवालों के सभी जवाब मिल गए होंगे जैसे ही राजस्थान सरकार इस योजना के बारे में अन्य कोई जानकारी अपडेट करती है हम आपको इस लेख के माध्यम से अवगत करा देंगे।

इस लेख में हमने राजस्थान सरकार द्वारा शुरू करी गई इंदिरा रसोई योजना  के बारे में बताया है। आशा करते हैं आपको इस पॉलिसी के बारे में सभी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर इस योजना के तहत कोई भी अन्य अपडेट राजस्थान सरकार द्वारा जारी किया गया तो हम उसे इस लेख में अपडेट कर देंगे।

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