विश्व किडनी दिवस क्या है और क्यों मनाया जाता है

आप सभी जानते होंगे कि जैसे- जैसे हमारे देश में नवीन तकनीकी का विकास हुआ है। वैसे-वैसे ही बीमारियों का विकास भी हुआ है। आज के समय में रोज किसी न किसी प्रकार की बीमारी का जन्म होता है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे पास इसका ईलाज है। दोस्तों, वैसे तो बहुत सी बीमारियां हमारे यहाँ पर व्याप्त है। 

लेकिन आज मैं आपको एक ऐसी बीमारी के बारे में बताऊंगा, जो कि बहुत ही विकट बीमारी है और सामान्यतः लोग इसे नजर अंदाज करके इसका शिकार हो जाते है। दोस्तों, मैं बात कर रहा हूँ

किडनी के रोग के बारे में। इस रोग के विरुद्ध कई अभियान भी चलाये गए। अंततः इसे एक दिवस के रूप में घोषित किया गया। जिसे “विश्व किडनी दिवस” कहते है।

विश्व किडनी दिवस

विश्व किडनी दिवस की शुरूआत सन 2006 में हुई थी। इस दिवस को मनाने के पीछे सिर्फ एक मुख्य उद्देश्य था और वह यह था कि इसके द्वारा लोग अपनी किडनी से सम्बंधित सभी रोगों के प्रति जागरूक हो सके और इस प्रकार की समस्या से निदान प्राप्त कर सके। किडनी से जुड़ी बहुत सी बीमारियां बहुत ही अधिक तेज गति से बढ़ रही थी। 

इसीलिए “इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ किडनी डीसीसेस” और “इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी” ने इस बीमारी की विरुद्ध एक कड़ा कदम उठाया और तभी से इस एक दिवस के रूप ने मनाया जाने लगा।  “विश्व किडनी दिवस” प्रत्येक वर्ष मार्च के महीने के दूसरे सप्ताह के गुरुवार को मनाया जाता है।

आज हम आपको “विश्व किडनी दिवस” के इस मौके पर किडनी से जुड़ी बहुत सी जानकारियां प्रदान करेंगे। तो चलिए दोस्तों, शुरू करते है

मानव शरीर में किडनी शरीर में रीढ़ की की हड्डी के दोनों और पसलियों के नीचे और पेट के पीछे की तरफ बीन के आकार की 2 अंगों की जोड़ी होती है।

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किडनी के रोग के सामान्य लक्षण

दोस्तों, किडनी के रोग के जो सामान्यतः कारण पाए जाते है, वह है बहुत ही ज्यादा लापरवाही और सही समय पर उपचार नही करवाना। पहले के समय किडनी के रोग का किसी भी प्रकार का कोई उपचार भारत में मौजूद नही था, किन्तु आज के समय में इसके उपचार के बहुत ही नवीन साधन भारत में मौजूद है।

लेकिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारण अभी भी यहाँ पर व्याप्त है और वह कारण कुछ और नही बल्कि लापरवाही है। किडनी की बीमारी से “गुर्दों में पथरी, कैंसर और गुर्दों का काम करना बंद” हो जाता है। इस विकट परिस्थिति में अगर समय पर उपचार करवा लिया तो किडनी को आसानी से बचाया जा सकता है। 

किडनी में पथरी और कैंसर के सामान्यतः लक्षण

दोस्तों, जब किडनी में पथरी हो जाती है तो उसका सामान्य लक्षण है:- दर्द, बुखार, जलन, उल्टी व पेशाब में खून आना। इसके अलावा अगर किडनी में कैंसर हो जाए तो निम्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते है।

जैसे: पेट में भारीपन, दर्द, बुखार व पेशाब में खून आना आदि। किडनी फैल होने के मामले में पीड़ित को उल्टी का मन व उल्टी आती है, उसके चेहरे पर सूजन आती है और पेशाब की मात्रा भी बहुत कम हो जाती है।

किडनी के रोग के कारण

दोस्तों, डॉक्टरों ने यह मन है कि मानव शरीर में किडनी में पथरी होना एक आम बात है। भारत में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और उत्तर-महाराष्ट्र में यह बहुत ही विकट समस्या है। इसका कारण है:- व्यक्ति का पानी कम पीना, गर्म जलवायु और इंफेक्शन का हो जाना।

मैं आशा करता हूँ कि World Kidney Day in Hindi के बारें में मैंने आपको जो कुछ बताया है वह आपको अच्छा लगा होगा। हम सभी का यह कर्तव्य है कि सभी लोगों को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए और अगर किडनी के रोग का कोई भी लक्षण दिखे तो चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले।

अगर आपके मन में World Kidney Day in Hindi से सम्बंधित किसी भी प्रकार का प्रश्न है तो आप हमसें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है। हम आपके प्रश्न का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। आगे भी हम आपके लिए ऐसे ही उपयोगी आर्टिकल लाते रहेंगे।

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