रक्षाबंधन पर कुछ कविताएँ – Hindi Poem on Raksha Bandhan

poem on raksha bandhan in hindi

रक्षा बंधन (राखी ) हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक है जो पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। इस त्योहार को राखी का त्योहार भी कहा जाता है। आज हम  इस आर्टिकल में इस अनमोल त्यौहार के बारे में जानेंगे।

यह रक्षा बंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।पूरे भारत में इस दिन का माहौल देखने लायक होता हैं  और  होगी भी क्यों नहीं, यही तो एक ऐसा विशेष दिन है जो भाई बहन केलिए बना है।

रक्षा बंधन भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक हैं। यूं कहे तो भारत में भाई बहनों  के बीच प्रेम और कर्तव्य कि भूमिका जताना किसी एक दिन कि मोहताज नहीं हैं। परन्तु रक्षा बंधन की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की वजह से ही यह दिन इतना महत्वपूर्ण बना गया।

रक्षाबंधन यानी भाई बहन का दिन। साल भर चाहे जीतना झगड़े लेकिन इस दिन का इंतजार हर बहन भाई करता करता हैं। आज इसी त्यौहार के अवसर पर हम आपके लिए रक्षाबंधन पर कुछ कविताएँ – Poem on Raksha Bandhan लाये हैं। आशा हैं आपको जरुर पसंद आएँगी!!!

रक्षाबंधन पर कुछ कविताएँ – Poem on Raksha Bandhan in Hindi

poem on raksha bandhan in hindi

Poem – 1

राखी का आज त्यौहार है
राखी का आज त्यौहार है
बहन भाई के लिए बहुत खास है
लाया खुशियों की बहार है
रेशम के धागे से बंधा प्यार है।
बहनें आज भाइयों को
कुमकुम का तिलक लगाती हैं
अपने प्यारे हाथों से
भाई को मिठाई खिलाती है।
भाई की सूनी कलाई पर
रेशम का धागा बांधती है
बदले में भाई से रक्षा का
अनमोल वायदा पाती है।
भाई भी सुंदर सुंदर तोहफे
बहनों के लिए लाते हैं
तोहफे में क्या मिलने वाला है
बहनें उत्सुक रहती हैं।
बहनें भी भाई की
सलामती की दुआ करती है
खुश रहो तुम सदा भैया
यही प्रार्थना करती है।
बहन भाई का एक दूसरे पर
होता अटूट विश्वास है
रेशम के धागे से ये
बंधा हुआ त्यौहार है।


Poem – 2

हर सावन में आती राखी,
बहना से मिलवाती राखी…

चाँद सितारों की चमकीली,
कलाई को कर जाती राखी…

जो भूले से भी ना भूले,
मनभावन क्षण लाती राखी,
अटूट-प्रेम का भाव धागे से
हर घर में बिखराती राखी…

सारे जग की मूल्यवान
चीजों से बढकर भाती राखी.

सदा बहन की रक्षा करना,
भाई को बतलाती राखी.

Poem – 3

प्रीत के धागो के बंधन में,
स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा,
होता भाई बहन का प्यार,
नन्हे भैया का है कहना,
राखी बांधो प्यारी बहना..

सावन की मस्तीली फुहार,
मधुरिम संगीत सुनती है,
मेघों की ढोल ताप पर,
वसुंधरा मुस्काती है…

आया सावन का महीना,
राखी बांधो प्यारी बहना.

धरती ने चाँद मामा को.
इंद्रधनुषी राखी पहनाई,
बिजली चमकी खुशियों से,
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई..

राजी ख़ुशी सदा तुम रहना,
राखी बाँधों प्यारी बहना.

Poem – 4

कैसी भी हो एक बहन होनी चाहिये
बड़ी हो तो माँ-बाप से बचाने वाली
छोटी हो तो हमारे पीठ पीछे छुपने वाली
बड़ी हो तो चुपचाप हमारे पॉकेट में पैसे रखने वाली
छोटी हो तो चुपचाप पैसे निकाल लेने वाली
छोटी हो या बड़ी छोटी-छोटी बातों पे
लड़ने वाली एक बहन होनी चाहिये
खुद से ज्यादा हमे प्यार करने वाली
एक बहन होनी चाहिये

Poem – 5

प्रीत के धागो के बंधन में,
स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा,
होता भाई बहन का प्यार,
नन्हे भैया का है कहना,
राखी बांधो प्यारी बहना
सावन की मस्तीली फुहार,
मधुरिम संगीत सुनती है,
मेघों की ढोल ताप पर,
वसुंधरा मुस्काती है
आया सावन का महीना,
राखी बांधो प्यारी बहना.
धरती ने चाँद मामा को.
इंद्रधनुषी राखी पहनाई,
बिजली चमकी खुशियों से,
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई..
राजी ख़ुशी सदा तुम रहना,
राखी बाँधों प्यारी बहना.

Poem – 6

राखी आयी खुशियां लायी

राखी आयी खुशियां लायी
बहन आज फूलें न समाई
रखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई !

बांधे भाई के कलाई पे धागा
भाई से लेती हैं वादा
रखी की लाज भैया निभाना
बहन को कभी भूल न जाना !

भाई देता बहन को वचन
दुःख उसके सब कर लेंगा हरन
भाई बहन का प्यार हैं
त्यौहार रखी का न्यारा हैं !

Poem – 6

राखी का आज त्यौहार है

राखी का आज त्यौहार है
बहन भाई के लिए बहुत खास है
लाया खुशियों की बहार है
रेशम के धागे से बंधा प्यार है।

बहनें आज भाइयों को
कुमकुम का तिलक लगाती हैं
अपने प्यारे हाथों से
भाई को मिठाई खिलाती है।

भाई की सूनी कलाई पर
रेशम का धागा बांधती है
बदले में भाई से रक्षा का
अनमोल वायदा पाती है।

भाई भी सुंदर सुंदर तोहफे
बहनों के लिए लाते हैं
तोहफे में क्या मिलने वाला है
बहनें उत्सुक रहती हैं।

बहनें भी भाई की
सलामती की दुआ करती है
खुश रहो तुम सदा भैया
यही प्रार्थना करती है।

बहन भाई का एक दूसरे पर
होता अटूट विश्वास है
रेशम के धागे से ये
बंधा हुआ त्यौहार है।

Poem – 7

भैया मेरे

अच्छे भैया मेरे…
सबसे प्यारे भैया मेरे…
तुम हो मेरे रखवाले…
मुझसे ये राखी बन्धवाले…
तेरे साथ मैं चलूँगी..
मेरे साथ तुम चलना…
तेरी रक्षा मैं करुगी..
मेरी रक्षा तुम करना..
राखी का ये बंधन प्यारा..
इस बंधन को बांधे रखना..
टूटे ना रिश्तो का धागा…
मजबूत अपने इरादे रखना…
जब मैं तुमसे रूठ जाऊं..
तो तुम मुझे मनाना..
जब-जब मैं रोऊँ..
तुम मुझे हंसाना..
मेरे भैया दूर ना जाना..
मुझसे तुम राखी बंधवाना..
प्यारे प्यारे भैया मेरे …
सबसे अच्छे भैया मेरे….

Poem – 8

प्यारी बहना

 

प्रीत के धागो के बंधन में,
स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा,
होता भाई बहन का प्यार,
नन्हे भैया का है कहना,
राखी बांधो प्यारी बहना..
सावन की मस्तीली फुहार,
मधुरिम संगीत सुनती है,
मेघों की ढोल ताप पर,
वसुंधरा मुस्काती है…
आया सावन का महीना,
राखी बांधो प्यारी बहना.
धरती ने चाँद मामा को.
इंद्रधनुषी राखी पहनाई,
बिजली चमकी खुशियों से,
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई..
राजी ख़ुशी सदा तुम रहना,
राखी बाँधों प्यारी बहना!!

Poem – 9

राखी का आज त्यौहार है
बहन भाई के लिए बहुत खास है
लाया खुशियों की बहार है
रेशम के धागे से बंधा प्यार है।

बहनें आज भाइयों को
कुमकुम का तिलक लगाती हैं
अपने प्यारे हाथों से
भाई को मिठाई खिलाती है।

भाई की सूनी कलाई पर
रेशम का धागा बांधती है
बदले में भाई से रक्षा का
अनमोल वायदा पाती है।

भाई भी सुंदर सुंदर तोहफे
बहनों के लिए लाते हैं
तोहफे में क्या मिलने वाला है
बहनें उत्सुक रहती हैं।

बहनें भी भाई की
सलामती की दुआ करती है
खुश रहो तुम सदा भैया
यही प्रार्थना करती है।

बहन भाई का एक दूसरे पर
होता अटूट विश्वास है
रेशम के धागे से ये
बंधा हुआ त्यौहार है।

Poem – 10

ई बहन
राखी के धागे हलके फुल्के.. जज़्बातों मे गहरा वज़न टिका,
वह रिश्ता सबसे उत्तम है.. जिस मे रक्षा का है वचन जुड़ा।
रक्षाबंधन पर्व हर वर्ष हो.. इस रीत से सबका ह्रदय जुड़ा,
भाई बहन का एक ही मन है.. अद्वितीय सूत्र की गाँठ बँधा।
कैसे भावनाएँ जन्म ले भीतर..? कैसे उत्पन्न परवाह हो..?
चुपचाप जो बैठे बहन कही तो.. बेचैनी भाई के शब्दों मे हो,
दुआ के थाल दो नैना भरकर.. बहना माँगे भाई का सदा भला..
ईश्वर से विनती इतनी है.. पावन रिश्ता यह रहे खरा। 
रंग सुनहरे धागों के.. चमक धमक सजावट हो..
मन भावन है नाम राखी का.. राखी का अर्थ रक्षा हो,
दूर पास.. हम कही रहे.. हुँ बहन! है सौभागय मेरा..
वीर हाथ जो सर पर रख दे.. स्पर्श छाप बन माथे सजे सदा। 
राखी के धागे नही हलके फुल्के.. भाई बहन प्रेम हर रेशे जुड़ा..
चोखा है.. अनोखा है.. कई कड़ियों से यह नाता जुड़ा,
रक्षाबंधन पर हर बहना.. माँगे भाई का जीवन हो सुख से भरा..
ह्रदय कोश से.. नैनो से.. शब्दों से सौंपूँ आशीष सदा। 
“राखी के धागे हलके फुल्के.. जज़्बातों मे गहरा वज़न टिका,
भाई बहन का एक ही मन है.. अद्वितीय सूत्र की गाँठ बँधा।”

Hindi Poem on Raksha Bandhan

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