हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम व उनका महत्व

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यदि  आपसे पूछा जाये कि महीनों के नाम बताओ तो आपके जहन में झट से जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल आदि 12 महीनों के नाम आ जायेंगें लेकिन क्या आप जानते हैं यह माह तो अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष के माह हैं।

भारतीय पंचांग के अनुसार महीनों के नाम क्या हैं ? कब कौनसा माह आरंभ हो रहा है ? भारतीय कैलेंडर का पहला महीना कौनसा होता है ? हिन्दू माह के प्रथम दिन का महत्व क्या है ? हिन्द माह के  त्यौहार कब कब आते है ? इन सब सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगें।

पंचांग की सहायता से बनाया गया हमारा हिन्दू कलेंडर l प्राचीन काल से भारत में समय देखने के लिए उपयोग में लिया जाता है समय गुजरने के साथ साथ हमारा भारत कई राज्यों में बंटता गया जिससे इसकी संस्कृति और सभ्यता में बदलाव होते गये l

जिसके कारण वस हमारे कैलेंडर में भी बदलाव होता गया  आज के समय कई क्षेत्रीय कैलेंडर जैसे पंजाबी कैलेंडर, बंगाली कैलेंडर, ओड़िया, मलयालम, तमिल, कन्नड़, तुलु है, जो महाराष्ट्र, तेलांगना, कर्नाटका, आंध्रप्रदेश में फॉलो किये जाते है. विक्रम संवत भी एक कैलेंडर है

हर कैलेंडर में एक छोटी चीज दुसरे से उसे अलग बनाती है, लेकिन सभी कैलेंडर में 12 महीने होते है, और उनके नाम भी एक जैसे ही है तो चलिये जान लेते है की हमारा हिन्दू नववर्ष कबसे प्रारंभ होता है किस माह को किस नाम से जाना जाता है और हर माह का महत्व और त्योहारों के बारे में l

उससे पहले हम एक बार जो सबसे प्रचलित ग्रेगोरियन कलेंडर है इसके बारे में जान लेते है ये पुरे विश्व में सबसे ज्यादा यूज में लिया जाने वाला कैलेंडर है हमारे घरो में यही होता है

अंग्रेजी (ग्रीक ) महीने के नाम : English Months Name in Hindi / English 

उपर हमने आपको ग्रेगोरियन कलेंडर के 12 महीनो के नाम हिंदी में (12 Mahino Ke Naam Hindi Mein) बताया है जहा तक हमे  पता है की आप को इसके बारे में पहले से पता होगा क्यौकी इनके बारे में हमे बचपन से ही किताबो में पढाया जाता है  और आजकल जो हमारे घरो में कैलेंडर होते है वो ग्रेगोरियन कलेंडर ही होते है  

उपर दिए हुये फोटो को डाउनलोड करने के लिये निचे दिये हुआ बटन पर क्लिक करे l

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हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम हिंदी / संस्कृत : Hindu Months Name in Hindi / Sanskrit

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जैस की आप उपर फोटो में देख सकते है हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से कितने महीने होते है कोनसा महिना कब सुरु होता है और किस महीने को किस नाम से जाना जाता है

माह की पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है उसी के आधार पर महीनों के नाम रखे गये हैं।  हिंदी महीने 12 होते है हर महीने को 2 पक्षो में बात गया है

इन महीनो की सुरुआत पूर्णिमा से होकर पूर्णिमा पर खत्म होती है और इसके अलगी तिथि से दूसरा महिना की सुरुआत हो जाती है  सुरुआत के 15 दिन पूर्णिमा से अमावास तक को कृष्ण पक्ष कहा जाता है और अमावास से पूर्णिमा तक को शुक्ल पक्ष कहा जाता है

पूर्णिमा – अमावास – पूर्णिमा 

पूर्णिमा – अमावास = कृष्ण पक्ष (पहले 15 दिन )
अमावास – पूर्णिमा = शुक्ल पक्ष (बाद के 15 दिन )

शुक्ल पक्ष में चंद्र की कलाएँ बढ़ती हैं और कृष्ण पक्ष में घटती हैं।

हिन्दू कैलेंडर के प्रथम माह : हिन्दू कैलेंडर का प्रथम माह है चैत्र और अंतिम है फाल्गुन। दोनों ही माह वसंत ऋतु में आते हैं। ईसाई माह अनुसार यह मार्च में आता है। चैत्र की प्रथम तिथि से ही हिन्दू नववर्ष की सुरुआत हो जाती है

चैत्र माह की शुरुआत : हिन्दुओ का सबसे लोकप्रिय त्यौहार होली जो फाल्गुन मास के पूर्णिमा को पड़ता है ये दिन हिन्दू कैलेंडर का अंतिम दिन माना जाता है इसकी अगली तिथि को हम सब रंग खेलते है जिसे चैत्र प्रथमा कहते है इसी दिन से हमारे हिन्दू नववर्ष की सुरुआत हो जाती है

तिथि : एक दिन को तिथि कहा गया है जो पंचांग के आधार पर उन्नीस घंटे से लेकर चौबीस घंटे तक की होती है। चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, जो दो पक्षों में बँटी हैं। शुक्ल पक्ष में 1-14 और फिर पूर्णिमा आती है। पूर्णिमा सहित कुल मिलाकर पंद्रह तिथि। कृष्ण पक्ष में 1-14 और फिर अमावस्या आती है। अमावस्या सहित पंद्रह तिथि।

तिथियों के नाम : पूर्णिमा (पूरनमासी), प्रतिपदा (पड़वा), द्वितीया (दूज), तृतीया (तीज), चतुर्थी (चौथ), पंचमी (पंचमी), षष्ठी (छठ), सप्तमी (सातम), अष्टमी (आठम), नवमी (नौमी), दशमी (दसम), एकादशी (ग्यारस), द्वादशी (बारस), त्रयोदशी (तेरस), चतुर्दशी (चौदस) और अमावस्या (अमावस)।
वार : एक सप्ताह में सात दिन होते हैं रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार।

पूर्णिमा के बाद प्रतिपदा तिथि से महीने की सुरुआत होती है अमावास के बाद प्रतिपदा तिथि से उसी महीने का दूसरा पक्ष ( शुक्ल पक्ष) सुरु होता है

हिन्दू कैलंडर के हिसाब से साल में 6 मौसम  होते है

1.बसंत ऋतू
2.ग्रीष्म ऋतू
3.वर्षा ऋतू
4.शरद ऋतू
5.हेमंत ऋतू
6.शिशिर/शीत ऋतू

महीनों के नाम राशियों के हिसाब से रखे गए है. हर महीने का अपना एक महत्व है, और सभी महीने के अपने त्यौहार और पर्व है चलिये देखते है

1. चैत्र (मेष राशी

ये हिन्दू कैलेंडर का पहला महिना होता है. इस महीने से ग्रीष्म ऋतू की आवट शुरू हो जाती है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मार्च-अप्रैल महीने में आता है त्र महीने के 15 दिन पहले फाल्गुन में होली का त्यौहार मनाते है.

चैत्र के मुख्ये त्यौहार 

  • छत्रपति शिवजी महाराज जयंती
  • चैत्र कृष्ण पक्ष ४ गणेश संकट चतुर्थी
  •  वीरांगना अहिल्याबाई बलिदान दिवस
  • चैत्र शुक्ल पक्ष १ गुढी पड़वा
  • पक्ष ८ श्री राम नवमी
  • चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती

2. बैसाख (वृषभ) 

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ये दूसरा महिना है, लेकिन नेपाली, पंजाबी एवं बंगाली कैलेंडर का ये पहला महिना होता है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार अप्रैल-मई महीने में आता है. इस महीने का नाम बैसाख इसलिए पड़ा क्यूंकि इस समय सूर्य की स्तिथि विशाखा तारे के पास होती है

बैसाख के मुख्ये त्यौहार 

  • वैशाख कृष्ण पक्ष ४ गणेश चतुर्थी
  • शुक्ल पक्ष ३ अक्षय तृतीया , परशुराम जयंती , मुस्लिम रमजान का आरम्भ
  • वैशाख कृष्ण पक्ष ११ मोहिनी एकादशी 
  • वैशाख पूर्णिमा बुद्ध पूर्णिमा

3. जयेष्ट (मिथुन राशि)

जयेष्ट के महीने अत्याधिक गर्मी वाला होता है. ये मई-जून के आस पास आता है. इसे तमिल में आणि माह कहते है

जयेष्ट के मुख्ये त्यौहार 

  • ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष ४ गणेश संकट चतुर्थी
  • कृष्ण पक्ष १४ फलहरिणी कालिका पूजा
  • ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष ६  विंध्यवासनी पूजा , शीतलषष्ठी यात्रा उड़ीसा
  • शुक्ल पक्ष १० गंगा दशहरा समाप्ति
  • ज्येष्ठ शुक्ल  पक्ष १३ शिवराज्याभिषेक दिवस
  • ज्येष्ठ पूर्णिमा  वट पूर्णिमा

4. अषाढ़ कर्क राशी)

तमिल में इस महीने को आदि कहते है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार जून-जुलाई महीने में आता है. अषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा मनाते है

अषाढ़ के मुख्ये त्यौहार

  • आषाढ़ कृष्ण पक्ष ४  गणेश संकट चतुर्थी ,दक्षिणायन , सौर वर्षा ऋतू आरम्भ 
  • कृष्ण पक्ष ११ योगिनी एकादशी
  • आषाढ़ अमावस्या खारग्रास , सूर्यग्रहण
  • शुक्ल पक्ष ११ देशिनी आषाढ़ी एकादशी
  • आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा

5. श्रावण (सिंह

सावन का महिना हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सबसे पवित्र माना जाता है. इस महीने से अनेकों त्यौहार शुरू हो जाते है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार जुलाई-अगस्त महीने में आता है

श्रावण के मुख्ये त्यौहार

  • श्रवण कृष्ण पक्ष ४  गणेश संकट चतुर्थी ,
  • शुक्ल  पक्ष ५ नागपंचमी
  • श्रवण पूर्णिमा नारियल पूर्णिमा , रक्षाबंधन

6. भाद्रपद (कन्या राशी)

भादों/भाद्रपद अगस्त-सितम्बर महीने में आता है. पुरात्तासी भी कहते है. इस महीने की शुरुवात में ही हरितालिका तीज, गणेश चतुर्थी, ऋषि पंचमी आती है

भाद्रपद के मुख्ये त्यौहार

  • भाद्रपद कृष्ण पक्ष १ पतेती ,
  • कृष्ण पक्ष ४  गणेश संकट चतुर्थी
  • भाद्रपद कृष्ण पक्ष ७ श्री कृष्ण जयंती
  • भाद्रपद कृष्ण पक्ष ८ जन्माष्टमी , गोपालाष्टमी 
  • शुक्ल पक्ष ३ हरतालिका तृतीया , गौरी व्रत
  • भाद्रपद शुक्ल पक्ष ५ ऋषि पंचमी
  • भाद्रपद शुक्ल पक्ष १४ अनंत चतुर्दशी  , श्राद का आरम्भ १५ दिन के लिए

7. अश्विन (तुला राशी)

इस महीने को कुआर भी कहते है. भाद्र पक्ष की अमावस्या के बाद ये दिन शुरू होता है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार सितम्बर- अक्टूबर महीने में आता है

अश्विन के मुख्ये त्यौहार

  • श्विन कृष्ण पक्ष ३ अंगारक गणेश संकट चतुर्थी
  • आश्विन अमावस्या श्राद का समापन
  • शुक्ल पक्ष १  घटस्थापना
  • आश्विन शुक्ल पक्ष १० दशहरा / विजया दशमी
  • आश्विन पूर्णिमा कोजागरी पूर्णिमा 

8. कार्तिक (वृश्चिक)

गुजरात में दिवाली से नया साल शुरू होता है, वहां कार्तिक पहला महिना होता है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर-नवम्बर महीने में आता है

कार्तिक के मुख्ये त्यौहार

  • कार्तिक कृष्ण पक्ष ३  गणेश संकट चतुर्थी 
  • कार्तिक कृष्ण पक्ष १२ धनदर्योदशी 
  • कृष्ण पक्ष १४ नरक चतुर्दशी , लक्ष्मी पूजा ,
  • कार्तिक अमावस्या दीपावली , बलिप्रदा 
  • शुक्ल पक्ष २ भाई दूज
  • कार्तिक पूर्णिमा गुरु नानक जयंती , तुलसी विवाह

9. अगहन (धनु राशि) 

इस महीने वैकुण्ठ एकादशी जिसे मोक्ष एकादशी भी कहते है, बड़ी धूमधाम से मनाते है. ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नवम्बर – दिसम्बर महीने में आता है

अगहन के मुख्ये त्यौहार

  • मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष ४ गणेश संकट चतुर्थी
  • मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष १४ श्रीदत्त जयंती

10. पौष (मकर राशि) 

पौष का महिना दिसम्बर-जनवरी के समय आता है. यह ठण्ड का समय होता है, जिसमें अत्याधिक ठण्ड पड़ती है

पौष के मुख्ये त्यौहार

  • पौष कृष्ण पक्ष ४ गणेश संकट चतुर्थी
  • पौष कृष्ण पक्ष लोहड़ी ,
  • कृष्ण पक्ष ९ मकर संक्रांति

11. माघ (कुंभ राशि)

इस महीने सूर्य कुंभ राशी में प्रवेश करता है, तमिल में इस महीने को मासी कहते है. यह माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार  जनवरी-फरवरी महीने में आता है

माघ के मुख्ये त्यौहार

  • माघ कृष्ण पक्ष – ४ गणेश संकट चतुर्थी
  • अमावस्या – मौनी अमावस्या
  • माघ शुक्ल पक्ष १४ सौर वसंत ऋतू प्रारम्भ

12. फाल्गुन (मीन राशि) 

बंगाल में ये 11 वां महिना होता है. बांग्लादेश में फाल्गुन महीने के पहले दिन पोहेला फाल्गुन मनाया जाता है. नेपाल में फाल्गुन के पहले दिन रंगों का त्यौहार होली को बड़ी धूमधाम से मनाते है

फाल्गुन के मुख्ये त्यौहार

  • फाल्गुन कृष्ण पक्ष ११ विजय एकादशी
  • फाल्गुन कृष्ण पक्ष १३ महाशिवरात्रि
  • शुक्ल पक्ष १४ होली
  • फाल्गुन पूर्णिमा धुलेंडी , धूलिवंदन

हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम को याद कैसे रखे ? 

अक्सर देखा गया है की सरकारी परीशा में हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम में से कई सवाल पूछे जाते है जो सरकारी एग्जाम की तैयारी कर रहे है

उन लोगो के लिए हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम को याद करना काफी जरुरी हो जाता है अब हम आपको हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम को याद करने की अलग अलग ट्रिक बतायंगे जिससे आप बड़े आसानी से इन्हें याद रख पायंगे l 

हिंदी माहट्रिक  (चाबिज आशु भआई की माँ ने पेटी में गुमाई  )
चैत्रच – चैत्र
वैशाखब – वैशाख
ज्येष्ठज – ज्येष्ठ
आषाढ़आ – आषाढ़
श्रावणश – श्रावण
भाद्रपदभ – भाद्रपद
आश्विनआ – आश्विन
कार्तिकक – कार्तिक
मार्गशीर्षम – मार्गशीर्ष
पौषप – पौष
माघम – माघ
फाल्गुनग – फाल्गुन

Trick : चाबिज आशु भआई की माँ ने पेटी में गुमाई l 

हिन्दू कैलेंडर के महीनों के नाम और उनकी विशेषता पर एक कविता

– मोहिनी गुप्ता

प्रथम महीना चैत से गिन
राम जनम का जिसमें दिन।।

द्वितीय माह आया वैशाख।
वैसाखी पंचनद की साख।।

ज्येष्ठ मास को जान तीसरा।
अब तो जाड़ा सबको बिसरा।।

चौथा मास आया आषाढ़।
नदियों में आती है बाढ़।।

पांचवें सावन घेरे बदरी।
झूला झूलो गाओ कजरी।।

भादौ मास को जानो छठा।
कृष्ण जन्म की सुन्दर छटा।।

मास सातवां लगा कुंआर।
दुर्गा पूजा की आई बहार।।

कार्तिक मास आठवां आए।
दीवाली के दीप जलाए।।

नवां महीना आया अगहन।
सीता बनीं राम की दुल्हन।।

पूस मास है क्रम में दस।
पीओ सब गन्ने का रस।।

ग्यारहवां मास माघ को गाओ।
समरसता का भाव जगाओ।।

मास बारहवां फाल्गुन आया।
साथ में होली के रंग लाया।।

बारह मास हुए अब पूरे।
छोड़ो न कोई काम अधूरे।।

तो आपको कैसा लगा हमारा लेख ? कमेंट करके बताइये और इस लेख को लेके अगर आपके मन में कोई सवाल उठ रहा है तो आप निचे कमेंट करके पूछ सकते है

इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर कीजिये जो एग्जाम की तैयारी कर रहे है l

धन्यवाद

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