ISP क्या हैं इंटरनेट से जुड़ने (चलाने ) के लिए ISP क्यों जरुरी होता है l

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आज हम इस लेख में ISP का फुल फॉर्म क्या होता है ? ISP’s क्या होते हैं ? ISP’s वर्क कैसे करते हैं ? ISP’s के विभिन्न प्रकार व उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं कौन-कौन सी हैं ? आदि के बारे में बताने वाले हैं।

दोस्तों यदि आप आईएसपी के बारे में सम्पूर्ण जानकारियां प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारा यह Blog अंत तक ज़रूर पढ़ें।

ISP क्या होते हैं 

ISP ऐसा संगठन होता है जो इंटरनेट को एक्सेस करने, उसका उपयोग करने या उसमें भाग लेने के लिए सेवाएं प्रदान करता है।

इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को विभिन्न रूपों में Organized किया जा सकता है, जैसे वाणिज्यिक, सामुदायिक-स्वामित्व, गैर-लाभकारी या निजी स्वामित्व वाली आईएसपी।

ये ऐसी कंपनियां होती हैं जो इंटरनेट और इसी तरह की अन्य दूसरी सेवाओं जैसे वेबसाइट डिजाइनिंग और वर्चुअल होस्टिंग तक पहुंच प्रदान करती हैं।

उदाहरण के लिए, जब आप इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं तो आपके इंटरनेट-सक्षम डिवाइस और इंटरनेट के बीच के कनेक्शन को एक विशिष्ट ट्रांसमिशन तकनीक के माध्यम से निष्पादित (Execute) किया जाता है

जिसमें इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) Route के माध्यम से Information Packets का Transmission शामिल होता है।

उदाहरण के तौर पर जब आप किसी भी समय इंटरनेट से जुड़ना चाहते हैं तो आपको आईएसपी (इंटरनेट सेवा प्रदाता) की आवश्यकता होती है।

उदाहरण के लिए जब आप मोबाइल द्वारा किसी भी व्यक्ति को काॅल करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको टॉक टाइम की आवश्यकता पड़ती है, एवं जब आप इंटरनेट और इंटरनेट से संबंधित अन्य सेवाओं का उपयोग करते हैं तब आपको डेटा की आवश्यकता होती है और ये डेटा व टाॅकटाइम आईएसपीस् द्वारा ही प्रदान किए जाते हैं।

ISP FULL FORM IN NETWORKING / ISP FULL FORM IN HINDI

ISP FULL FORM
INTERNET SERVICE PROVIDER / इंटरनेट सेवा प्रदाता

ISP का क्या कार्य होता है 

 

 

 

यह ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए उपकरण के रूप में दूरसंचार लाईनों का उपयोग करते हैं। इंटरनेट सेवा प्रदाता एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का संगठन हो सकता है या स्थानीय अथवा क्षेत्रीय स्तर का संगठन भी हो सकता है।

आमतौर पर आईएसपी द्वारा प्रदान की जाने वाली इंटरनेट सेवाओं में इंटरनेट Access, इंटरनेट ट्रांज़िट, डोमेन नाम पंजीकरण, वेब होस्टिंग, यूज़नेट सेवा और कॉलोकेशन शामिल होता हैं

ISP’s उपयोगकर्ताओं को उनके इच्छित Networks तक पहुंचने की Permission देते हैं। उनके पास वे सभी आवश्यक उपकरण होते हैं, जिससे उपयोगकर्ता इंटरनेट कनेक्टिविटी स्थापित कर सकते हैं।

आईएसपी यह सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार है कि आप अपनी आवश्यकतानुसार इंटरनेट का उपयोग कर सकें। इसके अलावा इंटरनेट ट्रैफ़िक को Route करना, डोमेन नामों को Resolve करना और नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को बनाए रखना जिससे इंटरनेट एक्सेस करना संभव हो पाता है।

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ISP का वर्गीकरण 

इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को उनकेे स्तर और उनकी सेवाओं के अनुसार तीन हिस्सों में बांटा गया है:-

TIER-1 INTERNET SERVICE PROVIDERS :

टियर-1 श्रेणी के तहत, सभी आईएसपी बड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की होती हैं। ये आईएसपी बड़े संगठनों को सेवाएं प्रदान करती हैं, और ये राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर भी ऐसी सेवाएं प्रदान करती हैं।

इस श्रेणी की ISP’s को इंटरनेट की रीढ़ माना जाता है और ये हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध करवातीं हैं। उदाहरण : AT&T, Verizon, Sprint (Softbank Broadband), SingTel, StarHub। वहीं Bharti Airtel, Reliance Jio, BSNL और Vodafone-Idea भारत की टियर-1 ISP’s हैं।

TIER-2 INTERNET SERVICE PROVIDERS :

टियर-1 के बाद टियर-2 की इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां अपनी अधिकांश सेवाएं Regional (क्षेत्रीय) Wise प्रदान करती हैं। इसमें टियर-1 और टियर-2 की आईएसपी जुड़ती हैं और टियर-1 और टियर-2 के बीच जुड़ने वाली सेवाएं प्रदान करती हैं।

टियर-2 ISP’s Peering समझौतों का उपयोग करके इंटरनेट ट्रैफ़िक और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। Easynet, Vodafone और British Telekom इसके उदाहरण हैं।

TIER-3 INTERNET SERVICE PROVIDERS :

टियर-1 और टियर-2 के बाद टियर-3 एक और आईएसपी श्रेणी है। टियर-3 ISP’s को Last Mile सेवा प्रदाता के रूप में भी जाना जाता है जो इंटरनेट सेवाओं को व्यक्तियों, व्यवसायों और आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच प्रदान करते हैं।

ये एक क्षेत्रीय आईएसपी हैं, जो भौगोलिक क्षेत्रों की एक निश्चित सीमाओं में सेवाएं प्रदान करते हैं। Deutsche Telecom, Comcast, Verizon Communications इसके उदाहरण हैं।

ISP’s को उनकी सेवाओं के अनुसार सात भागों में विभाजित किया गया है, जो नीचे दिए गए हैं 

ACCESS PROVERDERS

इनके द्वारा Cable Modem, Dial-up, DSL, High Speed Interconnects सहित विभिन्न तकनीकों के माध्यम से डेटा प्रसारित (Transmit) किया जाता है।

HOSTING IPS’s

इंटरनेट होस्टिंग सेवाएं ईमेल, वेब-होस्टिंग या ऑनलाइन स्टोरेज सेवाएं प्रदान करती हैं। इनकी अन्य सेवाओं में वर्चुअल सर्वर, क्लाउड सेवाएं या फिजिकल सर्वर ऑपरेशन शामिल होता हैं।

VIRTUAL ISP’s

एक वर्चुअल ISP (VISP) एक ऐसा संचालन है जो किसी अन्य ISP से सेवाएँ खरीदता है, जिसे कभी-कभी इस संदर्भ में एक थोक ISP भी कहा जाता है,

जो VISP के ग्राहकों को उन सेवाओं और अवसंरचना का उपयोग करके इंटरनेट का उपयोग करने की अनुमति देता है जो थोक ISP के स्वामित्व में संचालित होती हैं।

TRANSIT ISP’s

ट्रांजिट आईएसपी एक अन्य प्रकार का आईएसपी है जो Hosting आईएसपी और Access आईएसपी दोनों को जोड़ने के लिए अन्य ISP’s और ग्राहक को भारी मात्रा में इंटरनेट बैंडविड्थ प्रदान करता है।

MAILBOX RPROVIDERS

मेलबॉक्स प्रदाता एक ऐसा संगठन है जो Domain Name जैसी बहुत सारी सेवाएँ प्रदान करता है और Text, Documents, Images और Videos भेजने और प्राप्त करने जैसी ईमेल सेवाएँ प्रदान करने तथा उन्हें उपयोगकर्ताओं, व्यक्तियों या संगठनों के लिए ईमेल स्टोर की सुविधा भी देते हैं।

FREE ISP’s

फ्री आईएसपी मुफ्त में सेवा प्रदान करते हैं, इसका मतलब है कि उपयोगकर्ताओं को अपने आईएसपी को किसी भी सेवा शुल्क का भुगतान करने की कोई आवश्यकता नहीं होती।

सेवा शुल्क के बजाय, उपयोगकर्ताओं को कनेक्ट होने के दौरान कमर्शियल टेलीविजन चैनलों की तरह आईएसपी द्वारा दिए गए विज्ञापनों को देखना पड़ता है।

WIRELESS ISP

वायरलेस आईएसपी वायरलेस नेटवर्क तकनीक का उपयोग करता है।  यह वाईफ़ाई नेटवर्किंग जैसे वायरलेस नेटवर्किंग के माध्यम से इंटरनेट सेवाएं प्रदान करता है।

डेटा ट्रांसमिशन की विधि के आधार पर आईएसपी द्वारा दी गई इंटरनेट एक्सेस को कई प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं

डेटा ट्रांसमिशन की विधि के आधार पर

डायलअप द्वारा इंटरनेट का उपयोग 

यह टेलीफ़ोन लाईनों का उपयोग करके Modem To Modem कनेक्शन द्वारा इंटरनेट एक्सेस प्रदान करने वाली सबसे पुरानी तकनीक है। इस विधि में, उपयोगकर्ता का कंप्यूटर एक टेलीफ़ोन लाइन के साथ एक मॉडेम से जुड़ा होता है।

अपनी धीमी कनेक्शन गति के कारण यह विधि वर्तमान समय के हिसाब से पुरानी हो गई है। हालांकि, Remote Areas में आज भी इस पद्धति का उपयोग किया जा सकता है जहां पर ब्रॉडबैंड नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता।

डीएसएल 

DSL, इसका पूरा नाम (DSL FULL FORM) डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन होता है, यह डायल-अप इंटरनेट एक्सेस पद्धति का एक उन्नत संस्करण (Version) है।

यह टेलीफ़ोन नेटवर्क पर कनेक्शन को निष्पादित (Execute) करने के लिए उच्च आवृत्ति (High Frequency) का उपयोग करता है तथा इंटरनेट और फोन कनेक्शन को एक ही टेलीफ़ोन लाइन पर चलाने की सुविधा देता है।

यह विधि एक Asymmetric Digital Subscriber Line (ADSL) जिसमें Upload Speed, Download Speed से कम होती है, और एक Symmetric Digital Subscriber Line (SDSL) जिसमें Upload और Download Speed समान होती है कि सुविधा प्रदान करती है।

इन दोनों में से, ADSL उपयोगकर्ताओं के बीच अधिक लोकप्रिय है और इसे लोकप्रिय रूप से DSL के रूप में जाना जाता है।

वायरलेस ब्रॉडबैंड (WiBB) 

यह इंटरनेट एक्सेस देने वाली एक आधुनिक ब्रॉडबैंड तकनीक है। यह एक बड़े क्षेत्र के भीतर उच्च गति के वायरलेस इंटरनेट की सुविधा देता है।

इस तकनीक का उपयोग करने के लिए, आपको अपने घर के ऊपर अपने वायरलेस इंटरनेट सेवा प्रदाता (WISP) के ट्रांसमीटर को इंगित (Point) करते हुए एक डिश लगाना पड़ता है।

वाईफाई इंटरनेट

यह वायरलेस फ़िडेलिटी का संक्षिप्त रूप है, जो एक वायरलेस नेटवर्किंग तकनीक है जो रेडियो तरंगों का उपयोग करके वायरलेस हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करती है।

इस विधि में इंटरनेट का उपयोग करने के लिए, आपको वाई-फाई नेटवर्क की सीमा (Range) के भीतर होना आवश्यक होता है।

यह आमतौर पर सार्वजनिक स्थानों जैसे होटल, हवाई अड्डों, रेस्तरां, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर ग्राहकों को इंटरनेट की सुविधा प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है।

ISDN 

इसका पूरा नाम Integrated Services Digital Network होता है। यह एक टेलीफ़ोन प्रणाली वाला नेटवर्क है

जो एक ही फ़ोन लाइन पर Voice और Data के उच्च-गुणवत्ता वाले डिजिटल ट्रांसमिशन को एकीकृत (Integrate) करता है।

यह एक तेज़ अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड प्रदान करता है और वॉयस कॉल और डेटा ट्रांसफर दोनों की सुविधा देता है।

ETHERNET

यह एक अन्य प्रकार का इंटरनेट कनेक्शन है जो हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करता है इसमें इंटरनेट Speed 10MB/S से 10GB/S तक हो सकती है।

ISP’s इंटरनेट का उपयोग कैसे करतीं हैं 

Customers और उनके लिए उपयोगी Servers के मध्य कनेक्शन स्थापित करने के लिए प्रत्येक ISP को इंटरनेट की आवश्यकता होती है क्योंकि ये इंटरनेट के बिना कुछ भी नहीं कर सकते, इस कारण ये एक या एक से अधिक इंटरनेट लाईनों से जुड़े होते हैं, जिन्हें एक शीर्ष स्तरीय या Backbone कनेक्शन कहा जाता है।

ये इंटरनेट लाइनें उच्च गति और उच्च बैंडविड्थ वाला इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करती हैं। घर के इंटरनेट स्पीड की तुलना में इन लाईनों की इंटरनेट स्पीड हजारों गुना तेज़ होती है।

इस कारण, ISP’s इन लाईनों के माध्यम से एक बड़े स्तर पर अपने ग्राहकों को उच्च गति का इंटरनेट कनेक्शन प्रदान कर पाती हैं।

कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाता Multiple इंटरनेट कनेक्शन या अपने स्वयं के सर्वर Maintain रखते हैं। किसी कारणवश, यदि इनमें से कोई एक कनेक्शन विफल हो जाता है

तो यह उपयोगकर्ताओं के काम को प्रभावित किए बिना तुरंत दूसरे कनेक्शन पर शिफ्ट कर देता है, जो ग्राहकों के लिए भी उपयोगी होता है।

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