26 जनवरी पर भाषण 2021 l रिपब्लिक डे पर भाषण

Short & Long Speech/ bhashan 26 January / Republic day in Hindi Pdf

रिपब्लिक डे / गणतन्त्र दिवस पर भाषण 2021

गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन स्कूल, कॉलेज आदि में भी किए जाते हैं। अगर आप भी इस मौके पर स्पीच देने की योजना बना रहे हैं तो हम यहां आपकी मदद कर सकते हैं

तो आज के इस लेख में हम छोटे बच्चे से लेकर बड़ों के लिए भाषण का  प्रारूप दे रहे हैं इसका उपयोग करके आप इस गणतंत्र दिवस को खास बना सकते हैं या फिर अपना भाषण तैयार कर सकते हैं तो चलिए बिना देरी किए हम भाषण के प्रारूप को जान लेते

 

Republic Day Speech in Hindi /  गणतन्त्र दिवस पर भाषण [150 Words]

माननीय मुख्य अतिथि, मेरे अध्यापकगण और मेरे साथियों आज भारत अपना 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है जिसका किसी धर्म और जात से कोई लेना देना नहीं है। इसे सभी धर्मों के लोग मनाते हैं।

देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान की अमर कहानी 26 जनवरी का पर्व समेटे हुए है। उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास भारत की भूमि पर पग-पग में अंकित है। किसी ने सच ही कहा है-

कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है।

भारत के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान है। यह दिवस हर भारतीय का अभिमान है, अनगिनत लोगों की कुर्बानी के बाद भारत मां को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन उसे स्वतंत्रता का आकार 26 जनवरी 1950 को मिला, क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था।

मैं एक बार फिर आपको अपने भाषण को ध्यान से सुनने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और मुझे आप सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। जय हिन्द! वन्दे मातरम!”

Speech on Republic Day in Hindi For Student And Childrens [250 Words]

आप सभी को मेरी तरफ से सुप्रभात। मेरा नाम _____है। मैं____कक्षा …..का छात्र या शिक्षक हूँ। हम सब जानते हैं हम सब आज यहाँ एक विशेष अवसर पर एकत्र हुए हैं। आज के दिन को हम भारत के गणतंत्र दिवस के नाम से जानते हैं।

हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागु हुआ था। 26 जनवरी 1950 को हमारे देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया था। इस दिन की सबसे अच्छी बात यह है कि सभी जाति एवं वर्ग के लोग इसको एक साथ मिलकर मनाते हैं।

आप सभी को पता होगा कि रिपब्लिक या गणतंत्र का मतलब क्या होता है। अपने राजनीतिक नेता को चुनने का अधिकार देश में लोगों के ऊपर होता है।

भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के करके ही भारत को पूर्ण स्वराज दिलाया है। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है उसका ही नतीजा है कि आज हम अपने देश भारत में आराम से रह रहें है।

आओ करे प्रतिज्ञा हम सब इस पावन गणतन्त्र दिवस पर,
हम सब बापू के आदर्शों को अपनायेगे नया समाज बनायेंगे,
भारत माँ के वीर सपूतों के बलिदानों को हम व्यर्थ न जानें देंगे,
जाति ,धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर नया समाज बनायेंगे.

मैं एक बार फिर आपको अपने भाषण को ध्यान से सुनने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और मुझे आप सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। जय हिन्द! वन्दे मातरम!”

Gantantra Diwas Par Hindi Bhashan [350 Words]

माननीय मुख्य अतिथि, मेरे अध्यापकगण और मेरे साथियों आज भारत अपना 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है इसे सभी धर्मों के लोग समान भाव से मनाते हैं। इसका संबंध किसी धर्म या जाति से न होकर राष्ट्र से होता है इसलिए इसे राष्ट्रीय पर्व कहा जाता है।

स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं। ये राष्ट्रीय पर्व भारतीय जनमानस को एकता के सूत्र में पिरोते हैं। ये पर्व उन शहीदों देशभक्तों का स्मरण कराते हैं जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता, गौरव और इसकी प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए अपने प्राण की आहुति दे दी।

भारत के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान है। यह दिवस हर भारतीय का अभिमान है, अनगिनत लोगों की कुर्बानी के बाद भारत मां को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन उसे स्वतंत्रता का आकार 26 जनवरी 1950 को मिला, क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था।

हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि, ” हमने एक ही संविधान और संघ में हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को पाया है। जो देश में रह रहे सभी पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है।

यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी हम आज अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से लड़ रहे हैं। अब समय आ गया है कि हमें दोबारा एक साथ मिलकर अपने देश से इन बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना है

कुछ राक्षस ऐसे हैं जिन्होंने महिलाओं और लड़कियों का सम्मान नहीं किया। आजकल महिलाओं के खिलाफ कई मामले हो रहे हैं, इसलिए मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि कृपया महिलाओं का सम्मान करें और उन्हें सम्मान दें, ताकि वे सुरक्षित महसूस करें और अगर उन्हें आपकी मदद की जरूरत हो तो उनकी मदद करें। एक दूसरे की मदद करो, भगवान तुम्हारी मदद करेगा।

मैं एक बार फिर आपको अपने भाषण को ध्यान से सुनने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और मुझे आप सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। जय हिन्द! वन्दे मातरम!”

Long Speech on Republic Day in Hindi [500 Words]

माननीय मुख्य अतिथि, शिक्षक, माता-पिता और मेरे सभी प्रिय मित्र आप सबको मेरा नमस्कार… मैं ….नाम…. कक्षा ….. का छात्र हूं। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि इस बार भारत अपना 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। भारतीय नागरिकों के लिए बहुत ही खास दिन है और आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

आज भारत अपना 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है।

दरअसल इस दिन ही हमारे देश को अपना संविधान मिला था। 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था।

संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया। इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे।

गणतंत्र का अर्थ (Republic Day Meaning) है देश में रहने वाले लोगों को अपने प्रतिनिधियों को राजनीतिक नेता के रूप में चुनने का अधिकार। हमारे नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के काफी संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली और भारत का अपना संविधान बना। जिसमें सभी नागरिकों के मूल कर्तव्यों, नियम और कानून का उल्लेख है।

हमारे देश के महान नेता और स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री आदि हैं। भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी। अपने देश के लिए हम इनके समर्पण को कभी नहीं भूल सकते हैं।

मत घबराओ, वीर जवानों
वह दिन भी आ जाएगा।
जब भारत का बच्चा बच्चा देशभक्त बन जाएगा।।
कोई वीर अभिमन्यु बनकर ,
चक्रव्यू को तोड़ेगा
कोई वीर भगत सिंह बनकर अंग्रेजो के सिर फोढेगा।।
धीर धरो तुम वीर जवानों ,
मत घबराओ वीर जवानों
वह दिन भी आ जायेगा
जब भारत का बच्चा बच्चा देशभक्त बन जाएगा।।

डॉ. अब्दुल कलाम ने कहा है कि अगर एक देश भ्रष्टाचार मुक्त होता है तो सुंदर मस्तिष्क का एक राष्ट्र बनता है। उनका मानना था कि 3 प्रधान सदस्य हैं, जो अंतर पैदा कर सकते हैं। वे हैं- माता, पिता और एक गुरु। भारत के एक नागरिक के रूप में हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी मुमकिन प्रयास करना चाहिए।

हमें जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वॉर्मिंग, असमानता आदि से अवगत रहना चाहिए और अपने स्तर पर योगदान देना चाहिए।

इस भाषण को समाप्त करने से पहले, मैं गणतंत्र दिवस के बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का मौका देने के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं और मुझे एक भारतीय होने पर गर्व है। हमारे देश से जाति और भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म होने चाहए। अंत में सभी का धन्यवाद करें और कहें वन्दे मातरम् , वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्… भारत माता की जय…

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