Sake Dean Mahomed: 225 साल पहले इस बिहारी ने इंग्लेंड में रचा था इतिहास

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हैल्लो Friends आज हम भारत के प्रसिद्ध एंग्लो-इंडियन यात्री और बिजनेसमैन शेख दीन मोहम्मद के शुरुआती जीवन, परिवार, उनके द्वारा यूरोप में शुरु Restaurant और Shampooing के व्यपार, उनके द्वारा लिखित किताबों और उनके जीवन के आखिरी दिनों के बारे में जानकारी देने वाले हैं। तो चलिए दोस्तों आप सभी का और अधिक समय न लेते हुए शुरू करते हैं।

परिचय

Born: 1759, Patna, India
Spouse: Jane Daly
Founder of: Hindoostanee Coffee House, London
Fist Book written in English: The travels of Dean Mahomed
Died: 1851, Brighton, England

शेख दीन मोहम्मद एक भारतीय यात्री, सर्जन और उद्यमी थे, जो पश्चिमी दुनिया के सबसे उल्लेखनीय गैर-यूरोपीय प्रवासियों में से एक थे। अपने विदेशी मूल के कारण, उनका नाम अक्सर अंग्रेजी प्रलेखन में विभिन्न तरीकों से लिखा जाता था जैसे- Dean Mahomed, Dean Mahomet, Deane Mahomet, Sake Dean Mohammed आदि।

उन्होंने यूरोप में भारतीय व्यंजनों और शैम्पू स्नान की शुरुआत की तथा वहाँ उन्होंने चिकित्सीय मालिश को भी प्रस्तुत किया था। वह अंग्रेजी में पुस्तक प्रकाशित करने वाले पहले भारतीय भी थे। वह एक बंगाली मुस्लिम परिवार से थे। उन्होंने बंगाल के नवाबों से संबंधित एक कुलीन परिवार से होने का दावा किया था, और उनके पूर्वजों ने मुगल सम्राटों के अधीन प्रशासनिक सेवा में काम किया था।

शेख दीन मोहम्मद का शुरुआती जीवन :- Early life of sheikh deen mohammad

शेख दीन मोहम्मद का जन्म 15 जनवरी 1759 को पटना, बिहार में हुआ था, जो कि तब ब्रिटिश भारत में बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था।

पटना में बड़ा हुआ दीन मोहम्मद, जब छोटा-सा बच्चा था तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई। 10 साल की उम्र में, उन्हें एंग्लो-आयरिश प्रोटेस्टेंट अधिकारी कैप्टन गॉडफ्रे इवान बेकर के विंग के तहत लिया गया था।

1782 तक दीन मोहम्मद कैप्टन बेकर के साथ रहा, जब कैप्टन ने इस्तीफा दे दिया तब उसी वर्ष, महोमेद ने भी ब्रिटेन में अपने सबसे अच्छे दोस्त कैप्टन बेकर का साथ देने के लिए सेना से इस्तीफा दे दिया।

दीन मोहम्मद बक्सर से आया था। उनके पिता, जो कि पारंपरिक रूप से नाई जाति के थे, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा नियोजित थे। दीन मोहम्मद ने कीमिया अर्थात् रासायनो का अध्ययन किया था और विभिन्न अल्कली, साबुन और शैम्पू बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों को समझते थे।

मोहम्मद ने यूरोप में पहली बार भारतीय व्यंजनों और शैम्पू की शुरुआत की थी। शेख प्रारंभ में ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल रेजिमेंट में एक सैनिक रहे थे, वे पहली बार आयरलैंड में 1784 में कप्तान की सेवा में आए थे, जिसके साथ उन्होंने कई वर्षों तक काम किया। बड़े होने के बाद, उन्हें एक प्रशिक्षु सर्जन के रूप में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में भर्ती किया गया था।

शेख दीन मोहम्मद का पारिवारिक जीवन:- Sheikh Din Mohammed’s family life

1784 में, दीन मोहम्मद एक Baker परिवार के साथ कॉर्क, आयरलैंड में चले गये। वहां उन्होंने एक स्थानीय स्कूल में प्रवेश लेकर अपनी अंग्रेजी भाषा के कौशल को बेहतर बनाने के लिए अध्ययन किया, जहां उन्हें जेन डेली से प्यार हो गया, जो कि सम्मानजनक माता-पिता की एक सुंदर आयरिश लड़की थी।

हालांकि, जेन के परिजन इस शादी के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए यह जोड़ा 1786 में शादी करने के लिए दूसरे शहर में भाग गया। दीन मोहम्मद और डेली का विवाह आयरलैंड के कॉर्क में, कॉर्क एंड रॉस के Diocese में हुआ था।

उस समय प्रोटेस्टेंटों के लिए गैर-प्रोटेस्टेंटों से शादी करना गैर-कानूनी था, इसलिए दीन मोहम्मद ने जेन डेली (1761-1844) से शादी करने के लिए एंग्लिकनवाद अपना लिया और प्रोटेस्टेंड ईसाइ बन गए। प्रोटेस्टेंट ईसाई बनने के बाद उनका नाम William Dean Mahomet हो गया। वे 19वीं शताब्दी के आरंभ में 7 लिटिल राइडर स्ट्रीट लंदन, इंग्लैंड चले गए।

दीन मोहम्मद और जेन के पांच बच्चे थे :- रोसन्ना, हेनरी, होरेशियो, फ्रेडरिक, आर्थर।

शेख दीन मोहम्मद के व्यवसाय :- Business of Sheikh Deen Mohammed

दीन मोहम्मद के पिता नाई जाति के थे और वे कीमियागिरी अर्थात रासायन बनाने में पारंगत थे। दीन मोहम्मद को अपने पिता से विरासत में यह चीज मिली थी। दीन मोहम्मद जब ब्रिटेन पहुंचे तो उन्होंने विरासत में मिले इस ज्ञान का प्रयोग किया और ब्राइटन स्पा खोल यहां के लोगों को आकर्षित किया। शेख दीन मोहम्मद द्वारा यूरोप में शुरू किए गए व्यवसाय निम्न हैं

1. Restaurant का व्यवसाय

काफी दिनों तक सेना में अपनी सेवा देने के बाद शेख दीन मोहम्मद सन् 1782 में ब्रिटेन आ गए। ब्रिटेन में आठ साल रहने के बाद उन्होंने 1810 में वहां पहला भारतीय व्यंजन परोसने वाला एक रेस्त्रां खोला था।

दीन मोहम्मद के रेस्त्रां का नाम हिंदुस्तान कॉफी हाउस था। यह Restaurant इंग्लैंड में जॉर्ज स्ट्रीट, नीयर पोर्टमैन स्क्वायर, सेंट्रल लंदन के पास स्थित था। इस Restaurant में इंग्लैंड की अन्य खाद्य वस्तुओं के अलावा, हुक्का “असली चिलम तम्बाकू”, और मशहूर भारतीय व्यंजनों जैसे पाइनएप्पल पुलाव और चिकन करी आदि परोसे जाते थे।

शेख दीन मोहम्मद ने भारतीय व्यंजन का स्वाद यूरोप के लोगों को चखाया और भारतीय खान-पान से उनका परिचय करवाया था। हालांकि वित्तीय कठिनाइयों के कारण यह व्यवसाय 2 साल बाद ही बंद हो गया।

2. Vapour Shampoo Bath का व्यवसाय

अपना Restaurant का व्यवसाय शुरू करने से पहले, दीन मोहम्मद ने लंदन में नवाब Basil Cochrane के लिए काम किया था, जिन्होंने पोर्टमैन स्क्वायर पर अपने घर में सार्वजनिक उपयोग के लिए Steam Bath स्थापित किया था और इसके चिकित्सा लाभों का बढ़-चढ़कर प्रचार प्रसार किया था। इस प्रकार दीन मोहम्मद को यूरोप में चंपोई या “Shampooing” (भारतीय मसाज) की प्रथा शुरू करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

Restaurant के बंद होने के बाद सन् 1814 में, दीन मोहम्मद और उनकी पत्नी वापस Brighton चले गए और इंग्लैंड में वर्तमान में महारानी के होटल के कब्जे वाली साइट पर अपना पहला वाणिज्यिक “Shampooing” वाष्प मसाज Bath खोला।

इस बाथ स्पा में वह अपने ग्राहकों को हर्बल स्टीम बाथ देते थे। इसके साथ ही वह अपने ग्राहकों की चंपी यानी कि सिर की मालिश भी करते थे। इस पूरे प्रोसेस से लोगों को अपनी बॉडी में काफी रिलेक्स महसूस होता था, और लोग इसका आनंद लेते थे।

इस चंपी को उन्होंने वहां के हिसाब से ”Shampooing” का नाम दे दिया था।उन्होंने एक स्थानीय पत्र में अपने उपचार को “भारतीय औषधीय वाष्प स्नान, एक कई बीमारियों का इलाज और हर चीज के विफल होने पर पूरी राहत देने वाला” के रूप में वर्णित किया।

उन्होंने दावा किया कि यह विशेष रूप से आमवाती और लकवाग्रस्त, गाउट, कठोर जोड़ों, पुराने मोच, लंगड़ा पैर, जोड़ों में दर्द और दर्द ” को पूरी तरह से ठीक कर सकता है। वक्त के साथ मोहम्मद की चंपी पूरे ब्रिटेन और यूरोप में काफी प्रसिद्ध हो गई।

यह व्यवसाय एक तत्कालिक सफलता थी और दीन मोहम्मद को “Dr. Brighton” के रूप में जाना जाने लगा। अस्पताल भी अब रोगियों को उनके पास भेजने लगे और इतना ही नहीं उनकी चंपी के बारे में सुन कर सन् 1822 में उन्हें जॉर्ज चतुर्थ और विलियम चतुर्थ दोनों राजाओं के लिए शैंपू करने वाले सर्जन के रूप में नियुक्त किया गया। ऐसा होने के बाद शेक दीन मोहम्मद के कारोबार में काफी बढ़ोतरी हुई।

शेख दीन मोहम्मद द्वारा लिखी गई पुस्तकें :- Books written by Sheikh Deen Mohammed

1786 में दीन मोहम्मद ने अंग्रेजी का अध्ययन करने के लिए आयरलैंड में प्रवेश किया और English Literature में अपने कौशल को बढ़ाया। आठ साल बाद,1794 में मोहम्मद ने अपनी पहली पुस्तक लिखी, जिसका नाम था, ट्रैवल्स ऑफ दीन मोहम्मद” (The Travels of Dean Mahomet) जिसमें उन्होंने कई भारतीय शहरों का उल्लेख किया और अपने अनुभवों और सैन्य संघर्षों के पहले गवाह और भारतीय उपमहाद्वीप में ब्रिटेन की विजय का उल्लेख किया है।


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यह पुस्तक आकर्षक कहानियों से समृद्ध है कि कैसे भारतीय शासकों और लोगों ने, कंपनी के साथ एक दोस्ताना-सह-बातचीत संबंध स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय और इलाहाबाद और दिल्ली के शहरों का विस्तार से वर्णन किया और मुगल साम्राज्य की फीकी झलक को भी दर्ज किया।

शेख़ दीन मोहम्मद ने अपनी पहली किताब में चंगेज खां, तैमूर सहित पहले के मुगल शासकों के बारे में लिखा है तथा भारत के कई शहरों के बारे में भी विस्तार से बताया है। साथ ही देशी रियासतों के साथ ब्रिटिशों के सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया है।

दीन मोहम्मद ने अपनी पहली किताब में पूर्व भारतीय संस्कृति, सैन्य, भोजन, पशु, वन्यजीव, आदि के बारे में पहले हाथ से जानकारी देता है। महोमेद ने ब्रिटेन और आयरलैंड की यात्राओं सहित यूरोप की अपनी यात्राओं के बारे में भी संक्षेप में लिखा है, और अपनी दूसरी किताब Shampooing or Benefits Resulting From The Use of Indian Medical Vapour Bathमें चंपी करने, भारतीय औषधीय Steam Bath तथा मसाज करने के फायदे बताए हैं।

शेख दीन मोहम्मद पर लिखी गई पुस्तकें :- Books written on Sheikh Deen Mohammed

अंग्रेजी में पहली किताब लिखने वाले भारतीय दीन मोहम्मद को लगभग भुला दिया गया था। लेकिन 80 के दशक में माइकच एच फिशर ने उनके ऊपर एक किताब “The First Indian Author in English: Dean Mahomet in India”, “Ireland and England” लिखी। इस किताब को ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, दिल्ली से प्रकाशित किया गया। इस किताब के माध्यम से दीन मोहम्मद के यूरोपीयन देशों में भारतीय खान-पान, संस्कृति और औषधीयो को सबसे पहले पहुंचाने के योगदान को बताया गया है।

शेख दीन मोहम्मद के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें :- Some important things related to the life of Sheikh Deen Mohammed

Sheikh Din Muhammad के जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्न हैं

शेख दीन मोहम्मद एक किताब की वजह से मशहूर हो गए थे। उस किताब का नाम है, ट्रेवल ऑफ दीन मोहम्मद (The Travels of Dean Mahomed)”। ये किताब उन्होंन खुद लिखी थी, जो उनकी आत्मकथा थी। जब 15 जनवरी 1794 को यह किताब छपी तब वे रातों-रात प्रसिद्ध हो गए। इसकी मुख्य वजह ये थी कि वे पहले भारतीय बन गए थे, जिसकी किताब अंग्रेजी में छपी थी।

दिन मोहम्मद के पोते फ्रेडरिक हेनरी होराशियो अकबर मोहम्मद अंतरराष्ट्रीय स्तर के डॉक्टर बनें। वे लंदन के Guys अस्पताल में काम करते थे, और उच्च रक्तचाप के अध्ययन में उन्होंने काफी योगदान दिया था।

शेख दीन मोहम्मद ने भारत और इंग्लैंड के बीच बेहतर संबंध बनाने का काम किया था। वह पहले भारतीय लेखक थे जिनकी अंग्रेजी में किताब छपी थी।

जून 2018 में, एक हस्तलिखित कुकरी पांडुलिपि जिसमें उनके रेस्तरां के मेनू की झलक थी, जिसमें “पाइनएप्पल पुलाव” ’और “चिकन करी” जैसे विशिष्ट व्यंजन थे, लंदन के पुस्तक मेले में किताब को 11,344 डॉलर (लगभग 7.6 लाख रुपये) में बेचा गया था।

आज भी इंग्लैण्ड के ब्राइटन संग्रहालय में शेक मोहम्मद की एक भव्य तस्वीर मौजूद है और लोग उन्हें दो देशों की संस्कृति को जोड़ने के लिए याद करते हैं।

शेख दीन मोहम्मद की मृत्यु 24 फरवरी,1851(91-92 वर्ष की आयु) में 32 ग्रैंड परेड, ब्राइटन में हुई थी। उन्हें सेंट निकोलस चर्च, ब्राइटन में एक कब्र में दफनाया गया था, जिसमें उनके बेटे फ्रेडरिक को बाद में दफनाया गया था। फ्रेडरिक ने ब्राइटन में तलवारबाजी, जिमनास्टिक्स और अन्य गतिविधियाँ सिखाईं, जो उन्होंने शहर के चर्च स्ट्रीट पर बनी एक व्यायामशाला में शुरू की थी।

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