राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) इसका गठन क्यों किया गया

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INTRODUCTION

हैलो दोस्तों आज हम बात करेंगे NDRF के बारे में कि एनडीआरएफ क्या है? इसका गठन क्यों किया गया? इसकी संरचना कैसी होती है? यह कैसे और कौन-सी आपदाओं से निपटती है? तथा इसकी तैनाती कैसे होती है? तो दोस्तों यदि आप एनडीआरएफ के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारा यह लेख पूरा ज़रूर पढ़ें।

NDRF Full Form / Meaning Of NDRF

NDRF FULL FORM
National Disaster Response Force

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) “आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत” खतरनाक प्राकृतिक तथा मानव-निर्मित आपदाओं से निपटने के उद्देश्य से 2006 में गठित विशेषज्ञों और प्रशिक्षित सैनिकों का एक विशेष बल है। इसका मुख्यालय अंत्योदय भवन, नई दिल्ली में है।

WHY NDRF ESTABLISHED : क्यों एनडीआरएफ स्थापित है

NDRF Full Form

सन् 1980 से लेकर 2005 तक अलग-अलग समय पर (1) जम्मू-कश्मीर का भूकंप और उसकी वजह से हुआ हिमस्खलन, (2) उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में आए भूकंप, (3) असम, बिहार और महाराष्ट्र की बाढ़, (4) पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में आए चक्रवात, (5) भोपाल गैस त्रासदी तथा (6) आंध्रप्रदेश, केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार की सुनामी की वजह से बहुत अधिक संख्या में जानमाल की हानि हुई, इसके अलावा पीड़ित व्यक्तियों को अपनी संपत्ति, पशुधन और खाने-पीने के अभावों का सामना करना पड़ा।

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 44-45 के तहत आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 बनाया और 2006 में राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) का गठन हुआ।

STRUCTURE OF NDRF: एनडीआरएफ की संरचना

एनडीआरएफ 12 बटालियनों वाला एक सैन्य दल है, जिसमें अर्द्ध-सैनिक बलों, बीएसएफ़ (Border Security Force) और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) की तीन-तीन बटालियन तथा आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police), एसएसबी (Sashastra Seema Bal) और सीआईएसएफ (Central Industrial Security Force) की दो-दो बटालियन सम्मिलित हैं।

एनडीआरएफ, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-NDMA (National Disaster Management Authority) के तहत काम करता है जो आपदा प्रबंधन के लिए सुविधाओं, योजनाओं और दिशा-निर्देशों को तैयार करता है, तथा ये दोनों केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती हैं, जिसका अध्यक्ष देश का गृहमंत्री होता है।

भारत में आपदा प्रबंधन की सर्वोच्च संस्था एनडीएमए है, और इसका अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है। वहीं एनडीआरएफ के शीर्ष अधिकारी को डायरेक्टर जनरल (DG) कहते हैं। एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल आईपीएस अधिकारी होते हैं जो भारतीय पुलिस बलों (IPS) में से चुने गये होते हैं। डायरेक्टर जनरल सेना के तीन सितारे वाले जनरल की तरह वेषभूषा और बिल्ला (Badge) पहनते हैं।

एनडीआरएफ एक ऐसी संस्था है, जिसमें Diractor General के साथ साथ कई इंस्पेक्टर जनरल (IG) और उप इंस्पेक्टर जनरल (Deputy IG) भी होते हैं, जो सैन्य अधिकारियों की तरह की वेशभूषाएँ और पदवियाँ धारण करते हैं।

TYPES OF DISASTERS THAT NDRF DEAL’S: एनडीआरएफ डीलर्स के डिसप्ले के प्रकार

एनडीआरएफ की प्रत्येक बटालियन मे, 45 बचाव कर्मियों वाली एक टीम में इंजीनियर, इलेक्ट्रीशियन, तकनीशियन, पैरामेडिक्स, चिकित्सा पेशेवर और डॉग स्क्वॉड शामिल होते हैं।

एनडीआरएफ की बटालियन प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, तूफ़ान, सुनामी, चक्रवात, हिमस्खलन, भू-स्खलन के साथ-साथ जैविक, रासायनिक, विकिरण और नाभिकीय दुर्घटनाओं जैसी मानव-निर्मित संकट की स्थितियों से निपटने में सक्षम है।

National disaster response force (NDRF)

DEPLOYMENT OF NDRF: एनडीआरएफ की जिम्मेदारी

जब गंभीर प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, तब प्रभावित राज्यों के अनुरोध पर सशस्त्र बलों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तैनाती सहित संचार, हवा, पानी, भोजन और अन्य संपत्तियों को प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है।

एनडीआरएफ बटालियन आपदाओं की स्थिति में अपनी तैनाती के लिए प्रतिक्रिया समय में कटौती करने के लिए Vulnerability Profile के आधार पर देश में बारह अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं। एनडीएमए राज्य के अधिकारियों के परामर्श से खतरनाक आपदा की स्थिति के दौरान भी इन बलों की सक्रिय तैनाती करता है।  इस अवधि को तैयारियों की अवधि भी कहा जाता है।

NDRF बटालियन की वर्तमान उपस्थिति निम्न प्रकार से है

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