किसान रेल योजना ऑनलाइन बुकिंग, ट्रैन लिस्ट, रजिस्ट्रेशन

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किसान रेल योजना की घोषणा केंद्र सरकार ने इस साल के बजट के दौरान ही कर दी थी और इस योजना को 7 अगस्त 2020 से केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड ने मिलकर शुरू कर दिया है। 

किसानों की फल और सब्जियों के खराब होने का खतरा मंडराता रहता है इससे निजात पाने के लिए रेलवे ट्रेनों का संचालन करेगी जिससे किसानों के सभी फल व सब्जियां खराब होने से पहले ही अपने निश्चित स्थान पर पहुंच जाएंगे और वह खराब होने से बच जाएंगे। आज हम किसान रेल योजना से जुड़ी तमाम जानकारियां इस आर्टिकल में बताने वाले हैं जिस वजह से इसे अंत तक पूरा पढ़ना बिल्कुल ना भूलें।

किसान रेल योजना

रेलवे ने इस योजना की शुरुआत 7 अगस्त 2020 को कर दी है। इस योजना के तहत पहली ट्रेन महाराष्ट्र के देवलाली से होती हुई बिहार के दानापुर तक चलाई गई। किसान रेल ने 1519 किलोमीटर का सफर 32 घंटे में पूरा किया। 

इन किसान ट्रेनों में शीत भंडारण की व्यवस्था भी करी गई है जिस वजह से गर्मी ना होने के कारण फल सब्जियों के खराब होने की स्थिति नहीं बनती है। केंद्र सरकार द्वारा लाई गई यह योजना किसानों द्वारा काफी पसंद करी जा रही है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान भाई बहनों को ऑनलाइन बुकिंग रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।

योजना का नामकिसान रेल योजना
किसके द्वारा शुरू करी गईकेंद्रसरकार
लाभार्थीदेश के किसान
उद्देश्यकिसानों की फसलों को सही समय पर मंडियों और अन्य राज्य में पहुंचाना

किसान रेल योजना का उद्देश्य

केंद्र सरकार 2022 तक देश के किसानों की आय दुगनी करना चाहती हैं जिसके लिए वह तमाम ऐसे कदम उठा रही है जो कि किसानों के हित में रहते हैं। 

यह कदम उन्हीं में से एक है। यह साल अभी तक किसानों के लिए काफी बुरा गुजरा है क्योंकि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से किसानों की फसलें देश के अन्य राज्यों में नहीं पहुंच पा रही थी 

जिस वजह से वह खेत में ही खराब हो रही थी इससे किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था। इसी की भरपाई करते हुए 7 अगस्त को इस योजना का शुभारंभ किया गया। किसान रेल के माध्यम से किसान अपनी फसलों को सही समय पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक कम समय में पहुंचा सकेंगे।

किसान रेल योजना की मुख्य बातें

  • किसान रेल योजना एक तौर पर किसानों के लिए बनाई गई पार्सल योजना है जो कि उनके द्वारा उगाए गए फसलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाएगी।
  • इस योजना के तहत किसानों की फल, सब्जियों, अनाज आदि को रेल के माध्यम से देश के विभिन्न इलाकों में एवं मंडियों में सही समय पर पहुंचाया जा सकेगा।
  • इस योजना के तहत हर किसान रेल में शीत भंडारण की व्यवस्था कर दी गई है ताकि फल और सब्जियां गर्मी के कारण खराब ना हो जाएं।
  • केंद्र सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है और यह योजना उनके इस महत्वकांक्षी कदम को पूरा करने में काफी हद तक सहायक होगी।
  • पहले किसान रेल रूट पर पड़ने वाले बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसानों को इस योजना का लाभ होगा।

किसान रेल रूट

7 अगस्त को शुरू हुई है ट्रेन हर शुक्रवार को महाराष्ट्र के देवलाली से सुबह 11:00 बजे चलकर शनिवार शाम 6:45 पर अपने गंतव्य स्थान बिहार के दानापुर पहुंचेगी और रविवार सुबह 11:00 बजे दानापुर से चलकर सोमवार शाम 6:45 को महाराष्ट्र के देवलाली पहुंचकर अपना सफर पूरा करेगी। 

देवलाली से शुरू होते हुए यह ट्रेन नासिक रोड़, मनमाड़, जलगांव, भुसावल, बुरहानपुर, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, सतना, कटनी, मणिकपुर, प्रयागराज, पं दीनदयाल उपाध्याय नगर और बक्सर से आखिरकार दानापुर में रुकेगी।

किसान रेल के अंतर्गत फसलों पर लगने वाला किराया

किसान रेल योजना के तहत किसान अपनी फल सब्जियों दूध एवं अन्य फसलों को काफी कम समय में मंडियों एवं अन्य राज्यों तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति तन के रूप में किराया चुकाना पड़ेगा जो कि कुछ इस प्रकार से है।

नासिक रोड से दानापुरRs 4001/- प्रति टन
देवलाली से दानापुरRs 4001/- प्रति टन
मनमाड से दानापुरRs 3849/- प्रति टन
जलगांव से दानापुरRs 3513/- प्रति टन
भुसावल से दानापुर
Rs 3459/- प्रति टन
बुरहानपुर से दानापुर
Rs 3323/- प्रति टन
खंडवा से दानापुर
Rs 3148/- प्रति टन

केंद्र सरकार की और योजनाये

किसान रेल योजना के तहत आवेदन कैसे करें ?

देश के जो भी किसान किसान रैली योजना का लाभ उठाना चाहते हैं उनको कुछ समय के लिए इंतजार करना होगा क्योंकि इस योजना के अंतर्गत अभी तक किसी भी प्रकार की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी उपलब्ध नहीं है। 

जैसे ही इस योजना के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था को शुरू कर दिया जाएगा आपको हम इस लेख के माध्यम से अवगत करा देंगे।

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