Naac क्या है Naac का क्या कार्य है पूरी जानकारी

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INTRODUCTION

दोस्तों आज हम आपको राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद – NAAC के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं। इस Blog के द्वारा हम आपको बतायेगें की NAAC क्या होता है ? इसका काम क्या होता है ? यह किस तरह काम करता है? तथा NAAC का क्या महत्व है ? तो Friends यदि आप NAAC से संबंधित सभी जानकारियाँ प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारा यह Blog शुरू से लेकर अंत तक ज़रूर पढ़ें।

WHAT IS NAAC ( नैक क्या है

 

राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) एक ऐसा संगठन है जो भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों का आकलन और मान्यता देता है। यह भारत सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC (University Grants Commission) द्वारा वित्त पोषित एक स्वायत्त निकाय है जिसका मुख्यालय बैंगलोर में है। इसकी स्थापना 1994 में हुई थी।

वर्तमान समय में पूरे भारत में लगभग 800 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज और 4500 से भी अधिक Colleges हैं। इस कारण इन सभी Colleges और Universities में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता व मूलभूत सुविधाओं को परखना आवश्यक है। यही काम NAAC का होता है जो सभी Universities और Colleges को उच्च शिक्षा के आवश्यक सभी मापदंडों पर परखता और Grades प्रदान करता है।

Naac Full Form / Naac Meaning 

NAAC FULL FORM
National Assessment and Accreditation Council

WHAT NAAC DO (नैक क्या करता है)

यह Colleges और Universities को CGPA (Cumulative Grade Point Average) Grading System के अनुसार मान्यता प्रदान करता है। इसमें अधिकतम CGPA 4 और 1.5 कम से कम रहता है। NAAC द्वारा मूल्यांकन के पश्चात् दी जाने वाली Grades निम्न प्रकार से है:-

Grade     CGPA   Status
A++ 4 to 3.76 Accredited
A+ 3.75 to 3.51 Accredited
A 3.5 to 3.01 Accredited
B++ 3 to 2.76 Accredited
B+ 2.75 to 2.51 Accredited
B 2.5 to 2.01 Accredited
C 2 to 1.51 Accredited
D 1.5 to 0 Not Accredited

तो इससे आप समझ ही गए होंगे कि जिन Institutions में A++ की Grading होगी उसमें शिक्षा की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी, और जैसे-जैसे यह Grading गिरती जायेगी उन Institutions में शिक्षा का स्तर उतना ही कम होता जायेगा।

चलिए अब हम जान लेते हैं कि NAAC Institutions का मूल्यांकन किन आधारों पर करता है:-

  • पाठ्यक्रम के आधार पर- सबसे पहले Institutions चल रहे पाठ्यक्रम को देखते है कि उसमें कौन-कौन सी चीजें शामिल हैं तथा क्या वह आज के Standard पाठ्यक्रम के अनुसार है।
  • अनुसंधान परामर्श और विस्तार- इसके तहत यह देखा जाता है कि Institutions में Research Faculties कैसी है और आगे भी उनका विस्तार करने की संभावना है?
  • छात्र समर्थन और प्रगति- संस्थान के प्रति छात्रों के बीच कैसी सोच है? क्या वो संस्थान द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से खुश हैं?
  • संगठन और प्रबंधन- Institutions का संगठन और प्रबंधन की व्यवस्था कैसी है?
  • स्वस्थ आचरण- संस्थान के छात्रों और संगठन में अनुशासन कैसा है?
  • अवसंरचना और शिक्षण संसाधन- इसमें यह देखा जाता है कि Institutions का Infrastructure और वातावरण कैसा है? क्या शिक्षा के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध हैं? क्या संस्थान में सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं? अगर है तो उनकी स्थिति कैसी है?

HOW NAAC ACCREDIT ?

UGC और MHRD ने यह Compulsory किया है कि सभी कॉलेज NAAC को मूल्यांकन और मान्यता की प्रक्रिया के लिए स्व-अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी आवश्यक है।

  • सबसे पहले Institutions को NAAC द्वारा परिभाषित मापदंडों के आधार पर संस्थान / विभाग द्वारा स्व-अध्ययन रिपोर्ट तैयार करना।
  • फिर NAAC की एक टीम साइट पर Visit के माध्यम से स्व-अध्ययन रिपोर्ट की पुष्टि करती है।
  • फिर NAAC की कार्यकारी समिति द्वारा मूल्यांकन और मान्यता पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।
  • मान्यता प्रक्रिया में कॉलेज द्वारा एक स्व-अध्ययन रिपोर्ट तैयार करना और कुलपति की तीन-चार सदस्य साथियों की टीम द्वारा इस रिपोर्ट को मान्य करना शामिल है।

इसके अलावा, कॉलेजों का एक गहन विश्लेषण कर उनकी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है को Institutions के समक्ष रखा जाता है और कॉलेज के अधिकारियों के साथ चर्चा की जाती है। इस Grading की Validity 5 साल की होती है।

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What is NAAC & Its Grading System | NAAC क्या है ?

 

IMPORTANCE OF NAAC ( नैक का महत्व )

NAAC द्वारा उच्च शैक्षणिक का मूल्यांकन होने के बहुत सारे फायदे हैं, जिसमें से कुछ प्रमुख निम्न हैं:-

  • जब कोई Institute NAAC द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों पर खरा उतरता है और A++ Grade हासिल करता है तो उस संस्थान को UGC द्वारा वित्तीय सहायता और उसमें पढ़ने वाले सभी छात्रों को भी Benefit मिलता है।
  • इससे हमें संस्था द्वारा दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होती है।
  • इससे संस्थान में शिक्षण के नये और आधुनिक तकनीक शामिल होते हैं।
  • इसके माध्यम से समाज को Institute द्वारा दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होती है।
  • संस्थान को दिशा और पहचान की एक नई भावना दी।
  • योजना और संसाधन आवंटन के आंतरिक क्षेत्रों की पहचान करता है।

आशा करते हैं Friends की आपको हमारे द्वारा NAAC के बारे मे लिखा गया Blog पसंद आया होगा। यदि हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने Friends व Social Media Sites पर Share ज़रूर करें और यदि आपके मन में NAAC से संबंधित कोई सवाल उठ रहा है तो आप Comment करके पूछ सकते हैं तथा भविष्य में ऐसी ही रोचक जानकारियों के लिए हमारे Blog को follow कर सकते हैं, धन्यवाद।

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