SGPT और SGOT टेस्ट क्या है ? और ये टेस्ट क्यों किया जाता है

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Last updated on May 6th, 2020 at 05:01 am

आजके इस लेख में हम SGPT OR SGOT TEST के बारे में बात करेंगे जिसे LIVER FUNCTION TEST के नाम से भी जाना जाता है l SGPT OR SGOT TEST हमे कब करने की जरुरत पडती है l  ?

LIVER के लिए ये TEST क्यों जरुरी होता है  क्या इस TEST से पहले हमे कोई सावधानिया बरतनी चाहिये l इस TEST में आये परिणामो का क्या मतलब होता है ? क्या कोई ऐसा घरेलू तरीका है जिससे हम हमारे LIVER की समस्या से निजात पा सकते है या फिर कोई आयुर्वेदिक दवा जिससे इसके प्रभाव को कम किया जा सकता l

कुछ इसी प्रकार के सवाल आपने मन में उठ रहे होंगे  l तो आप इस लेख को पूरा पढिये आपके सारे सवालों का जवाब यहा मिल जायेगा l

LIVER हमारे शरीर में सबसे बड़ा ऑर्गन (Organ) है l इसकी Position हमारे शरीर में Abdominal Cavity के उपर Right Side में होती है इसका बजन 1.2-1.4kg तक हो सकता है इसके कार्यो की बात की जाये तो ये हमारे शरीर में as a HR Manager की तरह काम करता है

जिस प्रकार एक कंपनी में HR Manager ये तय करता है की किस Employee को रखना है और किसको नही ठीक उसी प्रकार हमारा शरीर भी एक कंपनी जैसा है और हमारा Liver उसका HR Manager जो ये तय करता है की कौन हमारे शरीर के लिए अच्छा है कौन हमारे शरीर के लिए बुरा l किसे रखना है और किसे बाहर निकलना है ये सारे काम हमारा Liver ही करता है

लीवर लगभग 300 से ज्यादा विभिन्न प्रकार के कार्य हमारे शरीर में करता है जैसे रक्त में शर्करा को नियंत्रण करना, विषाक्त पदार्थ को अलग करना, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलना, प्रोटीन पोषण की मात्रा को संतुलन करना आदि.

क्या आप जानते है कि लीवर शरीर में रक्त बनाता है और यह काम वह जन्म से पहले ही शुरू कर देता है.

तो अभी तक आप जान चुके होंगे की Liver हमारे शरीर का कितना महत्वपूर्ण भाग होता है तो ऐसे में उसका स्वस्थ रहना बहुत जरुरी हो जाता है आजके दोनों Test SGPT OR SGOT ये दोनों ही Liver के लिए किये जाते है तो चलिए देखते है l क्या है और क्यों किये जाते है

SGPT और SGOT TEST क्या है : WHAT IS SGPT OR SGOT TEST

 

SGPT Test in Hindi : SGPT टेस्ट खून में GPT की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। GPT (Glutamate Pyruvate Transaminase) यह एक प्रकार का एंजाइम (Enzyme) होता है, जो बहुत कम मात्रा में शरीर के कई ऊतकों में पाया जाता है

लेकिन अधिक मात्रा में यह यकृत (Liver) और हृदय (Heart) कि कोशिकाओं में पाया जाता है। जिन कोशिकाओं में यह एन्जाइम जमा होता है, अगर वे क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो यह एंजाइम खून में मिल जाता है। इस एंजाइम को ALT भी कहा जाता है। जिसका Full Form Alanine Transaminase होता है

SGPT Test Liver Functions के टेस्ट में से एक होता है और इसका इस्तेमाल अंदरूनी अंगों और ऊतकों संबंधी समस्याओं की जांच करने के लिए भी किया जाता है। इस टेस्ट में यह देखा जाता है कि रक्त में GPT का Level Normal है, Normal से कम है या फिर अधिक है।

SGPT की NORMAL RANGE 7-55U/L ये हमारे शरीर में  MUSCLE , BRAIN , LIVER से निकलता है अगर इसका LEVER HIGH हो जाता है तो इसका मतलब है की आपने अल्कोहल का सेवन किया है जिसकी वजह से LIVER FUNCTION DAMAGE हो चूका है 

SGOT Test in Hindi : SGOT भी लिवर में पाया जाने वाला एक एंजाइम होता है जिसे AST (Aspartate Aminotransferase) के नाम से भी जाना जाता है।

हार्ट, किडनी और ब्रेन जैसे अंगों में भी ये एंजाइम थोड़ी मात्रा में पाया जाता है इसलिए इन अंगों से जुड़े रोग होने पर भी SGOT की मात्रा बढ़ सकती है।
इसके अलावा स्टेरॉइड्स, कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले ड्रग्स का सेवन भी ब्लड में SGOT की मात्रा को बढ़ा सकता है। SGOT की NORMAL RANGE 5-40 U/L होती है।

जब लिवर को किसी प्रकार की क्षति होती है या कोई बीमारी होती है तो रक्त में इस एंजाइम की मात्रा बढ़ जाती है जो लिवर की बीमारी की तरफ इशारा करती है। लिवर की बीमारी केवल SGOT टेस्ट (एसजीओटी परीक्षण) से ही कन्फर्म नहीं होती है। इसके आलावा भी कई और टेस्ट जैसे SGPT या ALT।

SGPT Full Form in Medical : Stands For Serum Glutamic Pyruvic Transaminase

SGOT Full Form in Medical : Serum Glutamic Oxaloacetic Transaminase

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SGPT और SGOT टेस्ट क्यों किया जाता है : WHY SGPT OR SGOT TESTS ARE DONE

ALT/AST टेस्ट मुख्य रूप से Liver के रोगों का पता लगाने के लिए किया जाता है, खासकर सिरोसिस और हेपेटाइटिस के मामले में  जो शराब, ड्रग्स या वायरस के कारण होते हैं। एसजीपीटी टेस्ट लिवर में क्षति का भी पता लगाता है और यह भी विश्लेषण करता है।

SGPT टेस्ट का इस्तेमाल कोलेस्ट्रोल कम करने वाली दवाओं और अन्य दवाएँ जो Liver को प्रभावित करती हैं आदि के प्रभावों पर नजर रखने के लिए भी किया जाता है।

जिन लोगों में Liver रोग विकसित होने के जोखिम बढ़ जाते हैं, उनमें एएलटी टेस्ट को अकेले या आवश्यकता पड़ने पर अन्य टेस्टों के साथ भी किया जा सकता है। खून में GPT/ALT की मात्रा बढ़ने के कुछ प्रमुख कारक निम्न हैं:-

  • जिस व्यक्ति के परिवार में पहले से कभी Liver संबंधी रोग हुआ हो।
  • जो लोग मोटापे से पीड़ित हैं या जिनको डायबिटीज़ है।
  • जो व्यक्ति बहुत अधिक शराब या ड्रग्स का सेवन करता हैं।
  • ऐसे व्यक्ति जो पहले कभी किसी भी कारण से हेपेटाइटिस वायरस के संपर्क में आए हों।
  • लिवर का आकार बढ़ने पर
  • बार-बार कमजोरी महसूस होने पर
  • बार-बार अचानक से पेट में दर्द महसूस होने पर
  • भूख में कमी होने पर
  • मतली और उलटी होने पर
  • जो लोग मोटापे से पीड़ित है या जिनको डाइबिटीज की समस्या है

SGPT और SGOT टेस्ट के जोखिम : SGPT and SGOT TEST RISK

GPT/AST टेस्ट को एक सुरक्षित प्रक्रिया माना गया है। हालांकि, जिस जगह पर खून निकालने के लिए सुई लगाई जाती है, वहां पर हल्का नीला निशान पड़ सकता है। सुई निकालने के बाद कुछ मिनट तक उस जगह पर दबाव रखने से निशान पड़ने के जोखिम को कम किया जा सकता है।

हालांकि, ज्यादातर टेस्टों की तरह इसमें भी खून निकालने के कारण निम्न समस्याएँ हो सकती हैं:-

  • खून निकालने के लिए नस ना मिलने के कारण सुई से कई जगह पर छेद करना,
  • जहां पर सुई लगी थी उस जगह संक्रमण होना,
  • हेमेटोमेटा (त्वचा के नीचे खून जमा होना, जिससे गांठ या नीला पड़ सकता है),
  • बेहोशी या सिर घूमना।

SGPT टेस्ट कब करना चाहिये : WHEN TO GET TASTED WITH SGPT TEST IN HINDI 

यदि आपके जिगर की बीमारी या क्षति के लक्षण हैं, तो आपका डॉक्टर ALT/AST की सिफारिश कर सकता है:

  • पेट दर्द या सूजन
  • उल्टी
  • पीली त्वचा या आँखें
  • निर्बलता
  • अत्यधिक थकान
  • गहरे रंग का मूत्र
  • त्वचा में खुजली

बढ़े हुए ALT (SGPT) और AST (SGOT) को कैसे कम करें

हम आपको 2 ऐसे तरीके बतायंगे जिसकी सहायता से आप बड़े ही आसानी से बिना किसी SIDE EFFECT (दुस्प्रभाव ) के अपने SGPT OR SGOT को कम कर सकते है l एक घरेरू तरीका है और दूसरा आयुर्वेद l

1. घरेरू तरीका l 

जो चीजें में अभी आपको बताऊंगा उन्हें करके आप शरीर में GPT के Level को Maintain कर सकते हैं, तो चलिए अब हम ये 3 तरीके जान लेते हैं :

आपको फोलेट या फोलिक एसिड ज्यादा खाना चाहिए l 

फोलेट से भरपूर भोजन ज्यादा खाने से या फिर फोलिक एसिड का सप्लीमेंट खाने से ALT का Level‌ कम होते देखा गया है, बहुत सारे वैज्ञानिक अध्ययनों में यह बात साबित हो चुकी है।

फोलेट , विटामिन बी9 का कुदरती रूप है जो खाद्य पदार्थों में पाया जाता है और फोलिक एसिड, विटामिन बी9 का प्रयोगशाला में बनाया गया रूप है जो दवा के रूप में बाजार में उपलब्ध है।

जिन चीजों में फालेट ज्यादा मात्रा में होता है वह चीजें हैं, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, काले चने, सफेद चने, राजमा, मसूर, सोयाबीन, मूंग, मटर, मुंगफली, चुकंदर, शलगम, केला, पपीता इनके अलावा आप Folic Acid का Supplement भी खा सकते हैं।

आपको एक दिन में 800 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड का सप्लीमेंट खाना चाहिए। यहां 800 Mg, 0.8 मिलीग्राम के बराबर है। फोलिक एसिड का ALT के Level पर कितना असर होता है यह देखने के लिए जितने भी वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं उनमें 800 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड का इस्तेमाल ही किया गया है।

FOLIC ACID
विटामिन बी कम्पलैक्स का एक सदस्य जो हरे पोधों के ऊतकों, यकृत तथा खमीर में पाया जाता है

आपको कम फैट और कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट खानी चाहिए

आपको दिन में कम से कम पांच बार ताजे फल व ताज़ी सब्जियां खानी चाहिए। यदि आप मांसाहारी हैं तो आपको हफ्ते में कम से कम दो बार फैटी फिश खानी चाहिए क्योंकि फैटी फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं

जो Heart और Liver के लिए अच्छे होते हैं। आपको बिना फैट वाला दूध या कम फैट वाला दूध ही पिना चाहिए और दूसरे डेयरी Products भी कम फैट वाले ही खाने चाहिए। आपको साबूत अनाज खाने चाहिए जैसे दलिया। तलि हुई चीजें नहीं खानी चाहिए।

लेकिन दोस्तों इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि हमारे द्वारा बताई गई  इन चीजों के सेवन से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

2. आयुर्वेद दवा 

यहा हम आपको 2 दवा के बारे में बतायंगे दोनों से ही Liver से जुडी सारी समस्या को दूर किया जा सकता है आज भी कई लोग इन दोनों दवा का सेवन करके अपने बढ़े हुआ SGPT or SGOT Level को कम करते है l

लीवर से जुडी और भी समस्या जैसे : भूखना लगना , लीवर में सुजन , खाने का न पचना, आदि समस्या को इन दवा से सही किया जा सकता है l  दोनों ही दवा आपको Amazon पर मिल जायेगा l

1. आपको मिल्क थिस्टल सप्लीमेंट खाना चाहिए l : HealthyHey Nutrition 10

मिल्क थिस्टल एक प्राचीन दवा है जिसका इस्तेमाल लिवर, किडनी और गाल ब्लैडर से संबंधित बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता है।

मिल्क थिस्टल में Silymarin नाम का एक यौगिक होता है, जो लिवर में नई कोशिकाओं को विकसित करके लिवर को ठीक करता है। यह तत्त्व Liver को Toxins यानी जहरीले तत्वों से भी बचाता है।

मिल्क थिस्टल सप्लीमेंट आप Amazon से Online मंगवा सकते हैं। यह Capsules के रूप में होता है, अगर कोई Liver की बीमारी से पीड़ित है तो उसे 300 से 600 mg मिल्क थिस्टल दिन में तीन बार खाना चाहिए।

 

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2. Himalaya Liv.52 Tablet or Syrup 

Liv52 यह एक आयुर्वेदिक उत्पाद है जिसका उत्पादन हिमालया ड्रग कंपनी द्वारा किया जाता है। मुख्य रूप से यह लिवर को मजबूती प्रदान करने का कार्य करता है इसके अलावा या डैमेज लिवर को मजबूती प्रदान करता है यह पूर्णता आयुर्वेद पर आधारित दवा है।

प्राकृतिक जड़ी बूटियों से बनी यह दवा हमारे लीवर को मजबूत बनाने के साथ साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. बुख बढाता है जिससे स्वास्थ्य में सुधार आता है. इस दवाई को हेल्थ सप्लीमेंट के तोर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।

यह हमारे लिवर में होने वाले कई तरह की बीमारियों से बचाता है। और हमारे से सेल्यूलर ग्रौथ को बढ़ाता है। यह हमारी सेल मेंब्रेन को बचाता है। इसके अलावा यह लिवर में एंजाइम्स को मेंटेन करता है और टॉक्सिंस और लीवर इंफेक्शन से बचने मदद करता है।

Liv 52 टेबलेट,सिरप, और ड्राप तीनो प्रकार में उपलब्ध है. इसके इस्तेमाल से हेल्थ ठीक रहती है। यह पेट की समस्या, गैस,सुस्ती,उल्टी, और बुख की कमी को दूर करता है।

निम्नलिखित उत्पाद का उपयोग कर Liv52 की सिरप और टेबलेट को बनाया जाता है।

1. हिमसरा काबरा ( Humara capparis spinosa)

2. कासनी चिकोरी (Kasani cichorium)

3. काकमाची ( kakamachi)

4. अर्जुना ( Arjuna)

5. झउका ( Jhavuka)

6. Biranjasipha

Liv 52 के फायदे क्या होते है ?
  • लिवर सिरोसिस के खतरे को कम करता है liv52 टेबलेट
  • भूख को बढ़ाने का कार्य करता है liv52 सिरप
  • पाचन क्रिया को ठीक कर शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में मदद करता है liv 52 सिरप
  • शराब के सेवन से रक्षा करता है लिव 52 टेबलेट का सेवन
  • हैंगओवर से लड़ने में मदद करता है liv52 टेबलेट 
  • शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालता है लिव-52 सिरप
  • पीलिया अथवा जॉन्डिस के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है लिव-52 का सेवन
  • एनीमिया की समस्या को दूर करता है लिव-52 सिरप
  • गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है liv52 टेबलेट

निचे आपको दोनों ही (Syrup or Tablet ) की Amazon  लिंक दी गई है वह से आप खरीद सकते है l

 

Himalaya Liv.52 Tablets – 100 Counts 

 

 

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Himalaya Liv 52 DS Syrup – 200 ml 

 

 


 

SGPT BLOOD TEST 

 

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DISCLAIMER
कोई भी TREATMENT से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर ले

 

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FAQ : ABOUT SGPT OR SGOT 

SGPT Test क्या होता है ?

ये एक Liver Function Test है जिससे लीवर से जुडी समस्याओ का पता लगाया जाता है l

SGPT का NORMAL LEVEL कितना होना चाहिये ?

SGPT का NORMAL RANGE 7-55U/L होना चाहिये l

SGPT TEST कब करना चाहिये है ?

अगर आपको लीवर से जुडी कोई समस्या जैसे : भूख कम लगना , लीवर में सुजन , खाना ना पच पाना इत्यादी समस्या है तो डोक्टर आपको SGPT TEST कराने की सलाह देते है l

क्या SGPT के LEVEL को घरेरू तरीको से कम किया जा सकता है ?

जी है , ये सम्भव है अगर आपको SGPT LEVEL कम करना है तो आपको कम फैट और कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट खानी चाहिए l

SGPT का पूरा नाम क्या है ?

SGPT FULL FORM : Stands For Serum Glutamic Pyruvic Transaminase

SGPT को कम करने के लिये कोई आयुर्वेद दवा है ?

Himalaya Liv.52 जिससे आप लीवर से जुडी सभी समसयाओ का से छुटकारा पा सकते हो l

9 thoughts on “SGPT और SGOT टेस्ट क्या है ? और ये टेस्ट क्यों किया जाता है”

    • आप इस बारे में किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श ले बिना देखे कुछ कहा नही जा सकता

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