राष्ट्रीय युवा दिवस पर निबंध !

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राष्ट्रीय युवा दिवस पर निबंध

Celebrate Youth Celebrate Our Future

Essay on Youth Day in Hindi : दोस्तों आज हमने राष्ट्रीय युवा दिवस पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखा है. Get Some Essay on Youth Day in Hindi for class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11 & 12 Students.

प्रस्तावना : राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं के लिए समर्पण दिवस है। यह अलग-अलग देशों द्वारा अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है। भारत 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है। संयुक्त राष्ट्र 12 अगस्त को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने के लिए सहमत हुआ। इस आर्टिकल के जरिए  हम राष्ट्रीय युवा दिवस और युवाओं की शक्ति के बारे में जानेंगे।

किसी भी देश का भविष्य उसके युवा पर निर्भर रहता है। नई प्रतिभा कि आजाने से न केवल देश की प्रतिभा होगी बल्कि देश का विकास भी सही राह पर होता है। देश की युवाओं  की सही मार्ग दर्शन केलिए हर साल भारत में 12 जनवरी को युवा दिवस मनाया जाता है।

युवाओं को प्रेरणात्मक संदेश देते है स्वामी विवकानन्द जी।स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 को कलकत्ता में हुआ था।उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस थे। स्वामी विवकानन्द जी ने पैदल ही पूरे भारत कि यात्रा की।

उन्होंने 1893 चिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करके उसे सार्वभौमिक पहचान दिलाया।गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर जी ने कहा कि”यदि आप भारत के बारे में जानना चाहते है तो विवेकानंद को पढ़िए। महात्मा गौतम बुध के बाद विवेकानंद जी देश के पहले धार्मिक, सांस्कृतिक राजदूत थे।

विवेकानंद जी ने ये दिखाया कि विज्ञान और धर्म असंगत नहीं बल्कि मानार्थ है। उन्होंने पहचान दी कि हम कौन है और भारतीय संस्कृति क्या है। इतना ही नहीं उन्होंने हिन्दू धर्म की एकीकरण में भी अहम भूमिका निभाई।

विवेकानंद जी ने उनके गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस की सिक्षाओं का प्रचार करने के लिए रामकृष्ण मिशन कि स्थापना की। उन्होंने  युवाओं को  चरित्र निर्माण की ओर प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को महान बनने केलिए संदेह,ईर्ष्या,और द्वेष को छोड़ना होगा। स्वामी  विवेकानंद जी ने युव वर्ग की चरित्र निर्माण केलिए पांच सूत्र बताया।

  • आत्मवश्वास
  • आत्मत्याग
  • आत्मसंयम
  • आत्मनिर्भरता
  • आत्मज्ञान

इसमें कोई संदेह की बात नहीं की स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाया। भारत सरकार ने घोषणा कि थी कि संग 1985 से हर  साल 12 जनवरी को यानी स्वामी विवेकानंद जी की जन्म दिन पर राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

क्यों की स्वामी विवेकानंद जी की जीवन तथा भारतीय युवकों केलिए प्रेरणादायक साबित हो सकते है।

भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस कैसे मनाया जाता है:

इस दिन देश भर के विद्यालयों और विश्व विद्यालयों  में तरह तरह के कार्यक्रम होते है।रेलिया निकली जाती है, योगाभ्यास करवाई जाती है,व्याख्यान होते है और विवेकानंद  साहित्य कि प्रदर्शिनी लगती हैं।इसके अलावा देश भर में फैले हुए रामकृष्ण मिशन कि केंद्रों और मठ में भारतीय संस्कृति परंपरा को संवृद्ध करने केलिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

प्रत्येक वर्ष भारत राष्ट्रीय युवा दिवस पर एक विषय का अनुसरण किया जाता है। राष्ट्रीय युवा दिवस 2020 की थीम युवा फिट इंडिया थी।

युवाओं का महत्व:

युवा सशक्तीकरण गरीबी को एक महत्वपूर्ण स्तर तक कम करने में मदद कर सकता है। युवाओं के सशक्तिकरण की एक कुंजी कौशल विकास है। जब युवा सशक्त होते हैं तो वे शिक्षा के महत्व को समझते हैं और इस क्षेत्र के उत्थान में मदद करते हैं युवा सशक्तीकरण कार्यक्रमों के लाभकारी परिणामों में सुधार किया जाता है

सामाजिक कौशल, व्यवहार,बढ़ी हुई शैक्षिक उपलब्धि, आत्म सम्मान, आत्म प्रभावकारिता। इस समाज के लिए युवाओं की अहम भूमिका है। युवाओं की शक्ति पूरे देश के लिए सामान्य धन है। युवाओं के चेहरे हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य के चेहरे हैं। समाज में कोई भी वर्ग युवा लोगों की इच्छाशक्ति, आदर्शवाद, उत्साह और साहस के साथ मेल नहीं खाएगा।

क्यों युवा दुनिया को बदल सकते हैं:

युवाओं के पास एक बेहतर दुनिया को आकार देने के लिए विचार, रचनात्मकता और महान ऊर्जा है। नवाचार और कल्पना के माध्यम से युवा आशा से भरे हैं। वे समस्या हल करने वाले हैं और संभावित सामाजिक परिवर्तन उत्पन्न करने की बड़ी क्षमता रखते हैं।

आज युवाओं की मुख्य समस्याएं क्या हैं?

अब एक दिन युवा दो प्रमुख सामाजिक समस्याओं के संपर्क में हैं जो उनके जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। ये सामाजिक समस्याएं ड्रग्स और हिंसा हैं हालांकि एक उन समस्याओं के संपर्क में नहीं आना चाहता है।

उपसर्ग/निष्कर्ष:

उचित शिक्षा और नैतिक मूल्य आज युवाओं की प्रमुख समस्याओं को हल कर सकते हैं। समाज में बड़े को आगामी युवाओं के लिए धार्मिक मार्ग दिखाना होगा।

स्वामी विवेकानंद का एक संदेश है ‘

“जीवन में जोखिम उठाएं

यदि आप जीतते हैं तो आप नेतृत्व कर सकते हैं

अगर आप हार गए तो आप मार्गदर्शन कर सकते हैं”

यह हर युवा को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

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