क्या है CAA /CAB , NRC, NPR और इनके बीच फर्क ?

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Last updated on March 28th, 2020 at 12:43 pm

आज हम इस लेख में आपको CAA , NRC और NPR क्या हैं ? एनआरसी के नियमों के तहत कौन व्यक्ति भारतीय नागरिक हैं? एनपीआर में पंजीयन हेतु कौन-कौन से Demographic Information लिए जाते हैं ?

इनसे जुड़ा विवाद क्या है? आदि के बारे में बताने वाले हैं। दोस्तों यदि आप इनके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारा यह लेख पूरा जरूर पढ़ें।

CAA क्या है : WHAT IS CAA

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 भारत की संसद द्वारा 11 दिसंबर 2019 को पारित किया गया था। इसने 1955 के नागरिकता अधिनियम में संशोधन करके हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई के अवैध प्रवासियों के लिए भारतीय नागरिकता का मार्ग प्रदान किया

ये वो धार्मिक अल्पसंख्यक थे जो दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न से बच गए थे। वहीं उन देशों के मुसलमानों को ऐसी पात्रता नहीं दी गई है।

यह एक ऐसा अधिनियम है जिसमें पहली धर्म को भारतीय कानून के तहत नागरिकता के लिए एक कसौटी के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

ये संसद में पास होने से पहले CAB यानी (Citizenship Amendment Bill) था. CAB संसद में पास होने और राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद ये बिल नागरिक संशोधन कानून CAA, एक्ट बन गया है

CAA का भारत के मुसलमानों पर फर्क पड़ेगा ?

गृह मंत्रालय यह पहले ही साफ कर चुका है कि CAA का भारत के किसी भी धर्म के किसी नागरिक से कोई लेना देना नहीं है। इसमें उन गैर मुस्लिम लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है

जो पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत में शरण ले रखी है। कानून के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आ गए इन तीन देशों के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी

CAB Full Form in English :

CAB Full Form
Citizenship Amendment Bill

CAB Full Form in Hindi :

CAB Full Form
नागरिकता संशोधन विधेयक

CAA Full Form in English :

CAA Full Form
Citizenship Amendment Act

CAA Full Form in Hindi :

CAA Full Form
नागरिकता संशोधन अधिनियम

NRC क्या है : WHAT IS NRC

इसके मूल रूप में, NRC उन लोगों का एक आधिकारिक रिकॉर्ड है जो कानूनी तौर पर भारतीय नागरिक हैं। इसमें उन सभी व्यक्तियों के बारे में जनसांख्यिकीय जानकारी (Demographic Information) शामिल है

जो नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार भारत के नागरिकों के रूप में Qualify होते हैं। यह रजिस्टर भारत की 1951 की जनगणना के बाद पहली बार तैयार किया गया था

तब से लेकर कुछ समय पहले तक इसे अपडेट नहीं किया गया था। अभी हाल ही में नागरिकता अधिनियम,1955 में संशोधन किया गया है।

वैसे यदि देखा जाए तो CAA और NRC के प्रावधानों को देखकर हम यह कह सकते हैं कि दोनों आपस में एक-दूसरे के पूरक हैं। वहीं NPR के प्रावधान इन दोनों से दिखाई देते हैं

लेकिन इसमें ली जाने वाली जानकारियों को देखकर ऐसा लगता है कि एनपीआर भी कहीं न कहीं CAA और NRC से जुड़ा हुआ है।

एनआरसी के तहत भारत का नागरिक कौन है : Who Is Citizen Of India Under NRC ?

नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार भारत में जिसने जन्म लिया हो:-

  1. जनवरी 1950 के 26वें दिन या उसके बाद, लेकिन 1 जुलाई 1987 के पहले,
  2. जुलाई 1987 के पहले दिन या उसके बाद, लेकिन नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2003 के शुरू होने से पहले या जन्म के समय जिनके माता-पिता भारत के नागरिक हैं।
  3. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2003 के शुरू होने या उसके बाद, जहां –
    • उनके दोनों माता-पिता भारत के नागरिक हैं, या
    • जिनके माता-पिता में से कोई एक भारत का नागरिक हैं और दूसरा जन्म के समय एक अवैध प्रवासी नहीं है, वो जन्म से भारत का नागरिक होगा।

NRC Full Form in English :

NRC Full Form
National Register of Citizens

NRC Full Form in Hindi :

NRC Full Form in Hindi
नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बिल
NPR क्या है : WHAT IS NPR

NPR देश के सामान्य निवासियों का एक रजिस्टर है। यह नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता नियम, 2003 (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र) के प्रावधानों के तहत स्थानीय (ग्राम/उप-ग्राम), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है।

इसके तहत भारत के प्रत्येक सामान्य निवासी के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। एनपीआर के लिए एक सामान्य निवासी को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में

परिभाषित किया जाता है, जो पिछले 6 महीने या उससे अधिक समय से किसी स्थानीय क्षेत्र में रहता है या एक व्यक्ति जो अगले 6 महीने या उससे अधिक समय तक उस क्षेत्र में निवास करने का इरादा रखता है

DEMOGRAPHIC INFORMATION: एनपीआर में पंजीयन के लिए प्रत्येक व्यक्ति का निम्नलिखित जनसांख्यिकीय विवरण आवश्यक होता है

  • Name Of Person (व्यक्ति का नाम)
  • Relationship To Head Of Household (घर के मुखिया से संबंध)
  • Father’s Name (पिता का नाम)
  • Mother’s Name (माता का नाम)
  • Spouse’s Name (पति/पत्नी का नाम – अगर शादीशुदा है तो)
  • Sex (लिंग)
  • Date Of Birth (जन्मदिन)
  • Marital Status (वैवाहिक स्थिति)
  • Place Of Birth (जन्मस्थान)
  • Nationality (व्यक्ति द्वारा घोषित राष्ट्रीयता)
  • Present Address Of Usual Residence (निवासी का वर्तमान पता)
  • Duration Of Stay At Present Address (वर्तमान पते पर रहने का समय)
  • Permanent Residential Address (स्थायी निवास का पता)
  • Occupation/Activity (व्यवसाय/गतिविधि)
  • Educational Qualification (शैक्षणिक योग्यता)

PRESENT STATUS OF NPR: राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए Data 2010 में और 2011 की जनगणना के Houselisting चरण के साथ एकत्रित किया गया था।

इस डेटा को 2015 के दौरान Door To Door Survey (सर्वेक्षण) के माध्यम से अपडेटेड किया गया था। अबतक इस Data (जानकारी) का डिजिटलीकरण भी पूरा हो चुका है।

अब असम को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में अप्रैल से सितंबर 2020 के दौरान, जनगणना 2021 के Houselisting चरण के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का निर्णय लिया गया है।

इस प्रक्रिया के लिए एक Gazette Notification (राजपत्र अधिसूचना) पहले ही केंद्र सरकार द्वारा प्रकाशित कर दी गई है।

NPR Full Form in English :

NPR Full Form
National Population Register

NPR Full Form in Hindi :

NPR Full Form
नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर

CAA,NRC और NPR से जुड़ा विवाद

caa, nrc, npr full form

प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी, जो अब तक सिर्फ एक प्रस्ताव मात्र है, यदि इसे लागू किया जाता है तो यह पूरे भारत में अवैध अप्रवासियों को Target करेगा।

लेकिन अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी इससे प्रभावित नहीं होंगे, अगर वो यह दावा करते हैं कि वो इन देशों में धार्मिक उत्पीड़न के बाद भारत आए हैं।

इसका मतलब यह है कि अगर एक राष्ट्रव्यापी एनआरसी लागू होता है जैसा यह प्रस्तावित है, तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अलावा अन्य देशों से आने वाले अवैध अप्रवासी प्रभावित हो सकतें हैं।

इसके अलावा, कई लोगों को यह भी डर है कि कई भारतीय मुसलमानों को भी अवैध अप्रवासी माना जा सकता है यदि वो नागरिकता के पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते हैं, क्योंकि उन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम में बाकी धर्मो की तरह शामिल नहीं किया गया हैं

इसके लिए सरकार यह कारण दिया है कि भारतीय मुसलमानों को भारतीय नागरिकता जरूर मिलेगी और यदि कोई अवैध अप्रवासी मुस्लिम साबित होता है तो उन्हें मुस्लिम बहुल देशों जैसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश की नागरिकता मिल सकती है तथा वहां उनका शोषण नहीं हो सकता क्योंकि ये मुस्लिम राष्ट्र है।

लोगों का एनआरसी के विरोध का एक प्रमुख कारण असम में इसका Implementation है। जब 31 अगस्त 2019 को असम का अंतिम अपडेटेड एनआरसी जारी किया गया, तब उसमें 1.9 मिलियन से अधिक आवेदक एनआरसी सूची में जगह बनाने में असफल रहे।

इतनी अधिक संख्या में लोगों के एनआरसी के से बाहर होने पर यह विवादों से घिर गया तथा कई हिंदुओं को सूची से बाहर करने के विरोध के बाद, गृह मंत्रालय ने घोषणा की कि एनआरसी असम में फिर से लाया जाएगा।

इससे लोगों में आक्रोश और अधिक बढ़ गया क्योंकि पहले ही इसके कारण बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

क्या है NPR, NRC, CAA और इनके बीच फर्क ?


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